रक्षा मंत्रालय में वित्तीय प्रबंधन होगा डिजिटल, राजनाथ सिंह ने लॉन्च कीं 3 बड़ी पहल
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा मंत्रालय के वित्तीय प्रबंधन को अधिक पारदर्शी, तेज और तकनीक आधारित बनाने के लिए तीन प्रमुख डिजिटल पहलों की शुरुआत की है। ये पहल रक्षा क्षेत्र में बजट, भुगतान और खर्च की निगरानी को डिजिटल तरीके से मजबूत करने पर केंद्रित हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि रक्षा वित्तीय व्यवस्था में अधिकतम डिजिटलीकरण, ऑटोमेशन और पारदर्शिता लक्ष्य होना चाहिए।
सेना के वित्तीय सिस्टम को SAKSHAM से जोड़ा
पहली पहल के तहत रक्षा लेखा विभाग के SAKSHAM सिस्टम को भारतीय सेना के Financial Information System (IAFIS) के साथ इंटीग्रेट किया गया है। इसके जरिए बजट, स्वीकृति और बिल से जुड़ी जानकारी दोनों सिस्टम के बीच डिजिटल तरीके से साझा की जा सकेगी।
इस एकीकरण से बिल की स्थिति और बजट बैलेंस की जानकारी रियल टाइम में उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। साथ ही बिलों की प्रोसेसिंग को पूरी तरह पेपरलेस बनाने की दिशा में भी यह कदम महत्वपूर्ण है।
रक्षा मंत्रालय में Treasury Single Account
दूसरी बड़ी पहल Treasury Single Account यानी TSA सिस्टम से जुड़ी है। इसे रक्षा मंत्रालय में लागू किया गया है और इसका उद्देश्य सरकारी स्वायत्त निकायों को फंड जारी करने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाना है।
TSA को Payment Routing and Integrated System Management यानी PRISM प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित किया जाएगा। यह सिस्टम RBI के eKUBER से भी इंटीग्रेटेड है। इससे फंड जारी करने, अनुदान प्रबंधन और खर्च की जानकारी पर बेहतर नजर रखने में मदद मिलेगी।
National Compilation System को नए सिरे से तैयार किया
तीसरी पहल के तहत रक्षा मंत्रालय के National Compilation System यानी NCS को नए तकनीकी आर्किटेक्चर के साथ रिवैंप किया गया है। यह सिस्टम देश में रक्षा क्षेत्र के पूरे खर्च के अकाउंटिंग और कंपाइलेशन के लिए सिंगल सोर्स के तौर पर काम करेगा।
नए सिस्टम में बजट रिपोर्टिंग और रक्षा खर्च की निगरानी को अधिक सटीक बनाने की व्यवस्था की गई है। इसके जरिए रक्षा मंत्रालय, वित्त मंत्रालय, सर्विस हेडक्वार्टर और संबंधित फील्ड कंट्रोलर्स को खर्च की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इससे बजट प्रबंधन और नीतिगत योजना तैयार करने में भी सहायता मिलने की उम्मीद है।
राजनाथ सिंह ने ‘Any Time Review’ पर दिया जोर
रक्षा मंत्री ने वित्तीय प्रबंधन में सालाना समीक्षा की व्यवस्था से आगे बढ़कर ‘Any Time Review’ की दिशा में काम करने पर जोर दिया। उनका कहना है कि रियल टाइम डेटा उपलब्ध होने से बजट बैलेंस और खर्च की स्थिति की समय पर समीक्षा की जा सकेगी और निर्णय लेने में आसानी होगी।
उन्होंने रक्षा लेखा विभाग से वित्तीय प्रणालियों के बेहतर एकीकरण, क्वालिटी ऑडिट, डिजिटल डेटा क्लीनिंग और शिकायतों के तेजी से निपटारे पर भी ध्यान देने को कहा। रक्षा मंत्रालय की इन नई डिजिटल पहलों का उद्देश्य वित्तीय प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के साथ-साथ खर्च की निगरानी और भुगतान व्यवस्था को तेज करना है।

