नोएडा में ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर साइबर ठगी, बुजुर्ग महिलाओं और MBBS छात्रा से लाखों की धोखाधड़ी
नोएडा में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां साइबर अपराधियों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर दो बुजुर्ग महिलाओं और एक MBBS छात्रा को करीब 6 दिनों तक मानसिक दबाव में रखकर लाखों रुपये की ठगी कर ली।
जानकारी के अनुसार, ठगों ने खुद को सरकारी अधिकारी बताकर पीड़ितों को फोन किया और उन पर गंभीर कानूनी कार्रवाई का डर दिखाया। डर और मानसिक दबाव के कारण पीड़ित महिलाएं इस दौरान किसी से संपर्क नहीं कर सकीं और पूरी तरह से ठगों के जाल में फंसी रहीं।
इस दौरान साइबर अपराधियों ने पीड़ितों को लगातार निगरानी और गिरफ्तारी का भय दिखाते हुए बैंक खाते और निजी जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद उनसे बड़ी रकम विभिन्न माध्यमों से ट्रांसफर करवाई गई।
पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला संगठित साइबर गिरोह की ओर इशारा करता है, जो लोगों को डराकर ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ का भ्रम पैदा करता है और इसी बहाने आर्थिक ठगी को अंजाम देता है।
नोएडा पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों के मोबाइल नंबर, बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच की जा रही है। साइबर सेल को भी इसमें शामिल किया गया है ताकि ठगों के नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल या वीडियो कॉल पर डरें नहीं और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी किसी भी मांग को गंभीरता से लेते हुए तुरंत पुलिस को सूचित करें।
फिलहाल पुलिस इस पूरे साइबर ठगी नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का दावा कर रही है।

