ग्रेटर नोएडा में 12वीं के छात्र ने की आत्महत्या: डिप्रेशन से था परेशान, ऑनलाइन सर्च किए थे तरीके
ग्रेटर नोएडा में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां डिप्रेशन से जूझ रहे 12वीं कक्षा के एक छात्र ने आत्महत्या कर ली। छात्र मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले का रहने वाला था और वर्तमान में अपने परिवार के साथ कुलेसरा इलाके में रह रहा था।
घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि छात्र मानसिक तनाव से गुजर रहा था और उसने आत्महत्या के तरीकों के बारे में ऑनलाइन जानकारी भी सर्च की थी।
परिवार के साथ कुलेसरा में रहता था छात्र
जानकारी के मुताबिक, छात्र अपने परिवार के साथ ग्रेटर नोएडा के कुलेसरा क्षेत्र में रहता था। वह 12वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा था। परिवार के अनुसार, कुछ समय से वह मानसिक तनाव और डिप्रेशन से परेशान था।
घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
मोबाइल जांच में सामने आई अहम जानकारी
पुलिस जांच के दौरान छात्र के मोबाइल फोन की जांच की गई। इसमें सामने आया कि उसने आत्महत्या से जुड़े तरीकों के बारे में ऑनलाइन सर्च किया था। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि छात्र किस वजह से तनाव में था और उसके डिप्रेशन के पीछे क्या कारण थे।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। छात्र के परिवार, दोस्तों और परिचितों से भी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि उसकी मानसिक स्थिति और परेशानी के कारणों का पता लगाया जा सके।
पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत
विशेषज्ञों का कहना है कि किशोरों में पढ़ाई, करियर और व्यक्तिगत परेशानियों के कारण तनाव बढ़ सकता है। ऐसे समय में परिवार और दोस्तों का सहयोग बेहद जरूरी होता है।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों के व्यवहार में बदलाव, अकेलापन या लगातार तनाव जैसे संकेतों को नजरअंदाज न करें और समय रहते उनसे बातचीत करें।
यह घटना एक बार फिर युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और उनकी भावनात्मक जरूरतों को समझने की आवश्यकता को सामने लाती है।

