फेक न्यूज पर केंद्र की सख्ती, PIB फैक्ट चेक यूनिट ने 2,913 से अधिक झूठे दावों का किया खंडन
केंद्र सरकार ने देश में फैल रही फेक न्यूज और भ्रामक सूचनाओं के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज करने का दावा किया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत कार्यरत प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट (FCU) ने अब तक 2,913 से अधिक फर्जी दावों की पहचान कर उन्हें खारिज किया है।
यह जानकारी सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। उन्होंने बताया कि सरकार डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर फैलने वाली गलत सूचनाओं पर लगातार निगरानी रख रही है और आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
PIB की फैक्ट चेक यूनिट का मुख्य उद्देश्य सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन माध्यमों पर वायरल होने वाले झूठे या भ्रामक दावों की जांच कर उनकी सच्चाई सामने लाना है। इस यूनिट द्वारा नियमित रूप से ऐसे कंटेंट की पहचान की जाती है, जो सरकारी नीतियों, योजनाओं या राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों को लेकर गलत जानकारी फैलाते हैं।
सरकार के अनुसार, FCU द्वारा खारिज किए गए इन 2,913 से अधिक मामलों में कई ऐसे दावे शामिल थे, जो लोगों को गुमराह करने और अफवाह फैलाने की क्षमता रखते थे। इन सभी मामलों की जांच के बाद उन्हें सार्वजनिक रूप से तथ्यात्मक जानकारी के साथ खारिज किया गया।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का कहना है कि फेक न्यूज न केवल भ्रम पैदा करती है, बल्कि समाज में अनावश्यक तनाव और गलतफहमी भी बढ़ा सकती है। इसी कारण सरकार इस पर सख्त रुख अपनाए हुए है और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी को मजबूत किया जा रहा है।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि नागरिकों को किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करनी चाहिए और केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करना चाहिए।
कुल मिलाकर, सरकार का यह कदम डिजिटल सूचना तंत्र में पारदर्शिता बढ़ाने और फर्जी खबरों के प्रसार को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

