दिल्ली में कचरा प्रबंधन को लेकर एक बार फिर प्रशासन सक्रिय नजर आया। महापौर प्रवेश वाही ने राजधानी की प्रमुख भलस्वा लैंडफिल साइट का निरीक्षण किया और वहां चल रहे कचरा निस्तारण कार्यों की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कचरे के पहाड़ों को पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में कार्य को तेज किया जाए। उन्होंने बताया कि पहले जहां इस लैंडफिल की ऊंचाई लगभग 65 मीटर थी, अब यह घटकर करीब 30 मीटर रह गई है, जो एक महत्वपूर्ण प्रगति मानी जा रही है।
महापौर ने कहा कि दिल्ली को कूड़े के पहाड़ों से मुक्त करने की सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट है और इस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि दिसंबर 2026 तक इस साइट पर शेष कचरे के पूर्ण निस्तारण का लक्ष्य रखा गया है।
अधिकारियों के अनुसार, लैंडफिल साइट पर वैज्ञानिक तरीके से कचरे का निस्तारण किया जा रहा है, जिसमें बायोमाइनिंग और अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग शामिल है। इससे न केवल पुराने कचरे का निपटान हो रहा है, बल्कि नई भूमि भी उपयोग के लिए उपलब्ध हो रही है।
स्थानीय निवासियों के लिए यह एक बड़ी राहत की खबर मानी जा रही है, क्योंकि लंबे समय से लैंडफिल साइट के कारण प्रदूषण और दुर्गंध की समस्या बनी हुई थी। इसके पूर्ण रूप से खत्म होने के बाद क्षेत्र में पर्यावरणीय स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
महापौर ने यह भी कहा कि दिल्ली के अन्य लैंडफिल साइटों पर भी इसी तरह का काम तेजी से किया जा रहा है, ताकि राजधानी को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाया जा सके।
फिलहाल, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तय समयसीमा के भीतर लक्ष्य हासिल करने के लिए सभी आवश्यक संसाधनों और तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।

