Samachar Nama
×

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता 'खराब', धुंध और हल्का कोहरा जारी

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता 'खराब', धुंध और हल्का कोहरा जारी

राजधानी दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार को धुंध और हल्के कोहरे के बीच वायु गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में रही। विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति पश्चिमी धूल और हिमालयी नमी के मिश्रण के कारण उत्पन्न हुई है।

मौसम और प्रदूषण विशेषज्ञों ने बताया कि इस समय हवा में धूल और सूक्ष्म कण अधिक मात्रा में मौजूद हैं, जिससे वायु गुणवत्ता प्रभावित हुई है। शहरवासियों के लिए यह स्थिति विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन संबंधी रोगियों के लिए चिंता का विषय है।

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (DPCC) की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि इस समय वायु में PM2.5 और PM10 कणों की मात्रा सामान्य से अधिक है, जो सांस लेने में परेशानी और आँखों व गले में जलन जैसी समस्याएं पैदा कर सकते हैं।

मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि पश्चिमी राज्यों से आने वाली धूल और हिमालय से उठने वाली नमी का मिश्रण दिल्ली-एनसीआर में धुंध और कोहरे का कारण बन रहा है। इसके साथ ही सुबह और रात के समय दृश्यता में कमी देखी जा रही है, जिससे सड़क यातायात और यात्रियों के लिए परेशानी बढ़ रही है।

विशेषज्ञों ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस दौरान मास्क का उपयोग करें, बाहर निकलते समय सतर्क रहें और लंबी सांस लेने वाली शारीरिक गतिविधियों से बचें। बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन रोगों से पीड़ित लोगों को घर के भीतर रहना सुरक्षित रहेगा।

DPCC ने कहा कि प्रशासन वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए वाहनों की संख्या कम करने, निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण और हरित क्षेत्रों के रखरखाव जैसे उपाय कर रहा है। इसके अलावा, लोगों को निजी वाहनों की बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने और खुले स्थानों में अनावश्यक समय न बिताने की सलाह दी जा रही है।

विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि राजधानी में सर्दियों और मार्च महीने में वायु गुणवत्ता प्रभावित होने का यह सामान्य पैटर्न है, जब पश्चिमी धूल और ठंडी हवाओं के कारण वायु में कण जमा हो जाते हैं। हालांकि, इस बार धुंध और कोहरे के कारण दृश्यता और श्वसन स्वास्थ्य पर असर अधिक दिखाई दे रहा है।

नागरिकों ने कहा कि सुबह और शाम के समय सड़क पर वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को काफी मुश्किल होती है, क्योंकि कोहरे और धुंध की वजह से दृश्यता कम हो जाती है। इसके अलावा, प्रदूषण की उच्च मात्रा से स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें बढ़ रही हैं।

विशेषज्ञों ने कहा कि जब तक वायु गुणवत्ता सामान्य नहीं होती, शहरी जीवन में सतर्कता और सुरक्षा उपाय अपनाना जरूरी है। उन्होंने नागरिकों को नियमित रूप से AQI अपडेट देखने और स्वास्थ्य पर ध्यान देने की सलाह दी है।

इस प्रकार, दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार की धुंध और खराब वायु गुणवत्ता ने नागरिकों की दिनचर्या और स्वास्थ्य दोनों पर असर डाला। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में मौसम के बदलाव के साथ कुछ सुधार की संभावना है, लेकिन फिलहाल सतर्क रहना आवश्यक है।

Share this story

Tags