जेवर एयरपोर्ट के बाद बदल रही यमुना सिटी की तस्वीर, दो सेक्टर बनेंगे एजुकेशन हब; 7 यूनिवर्सिटी से बढ़ेगा शिक्षा का केंद्र
जेवर एयरपोर्ट के निर्माण के साथ ही यमुना सिटी में विकास की रफ्तार तेज हो गई है। अब यहां शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव की तैयारी है। यमुना सिटी के दो सेक्टरों को एजुकेशन हब के रूप में विकसित करने की योजना पर काम आगे बढ़ रहा है। इन सेक्टरों में जल्द ही चार नई यूनिवर्सिटी खोलने की तैयारी शुरू होने वाली है, जबकि तीन विश्वविद्यालयों के निर्माण का काम पहले से ही जारी है।
जेवर एयरपोर्ट के आसपास तेजी से विकसित हो रही यमुना सिटी में औद्योगिक, व्यावसायिक और आवासीय गतिविधियों के साथ अब शिक्षा क्षेत्र को भी विस्तार देने की तैयारी है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की योजनाओं के तहत उच्च शिक्षा के लिए बड़े संस्थानों को यहां लाने पर जोर दिया जा रहा है। इससे क्षेत्र में विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के नए अवसर पैदा होंगे।
जानकारी के अनुसार, यमुना सिटी के दो सेक्टरों में चार नई यूनिवर्सिटी स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए जरूरी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। इन विश्वविद्यालयों के शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में छात्र यहां पढ़ाई के लिए आ सकते हैं। इससे यमुना सिटी की पहचान एक आधुनिक शिक्षा केंद्र के रूप में मजबूत होने की उम्मीद है।
वहीं, तीन यूनिवर्सिटी के निर्माण का काम पहले से चल रहा है। इस तरह आने वाले समय में इन दो सेक्टरों में कुल सात विश्वविद्यालय विकसित होने की संभावना है। विश्वविद्यालयों के साथ-साथ यहां हॉस्टल, पुस्तकालय, शोध केंद्र, प्रयोगशालाएं और अन्य शैक्षणिक सुविधाएं विकसित होने से पूरे क्षेत्र का शैक्षणिक वातावरण मजबूत हो सकता है।
जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से विकसित हो रहे बुनियादी ढांचे का लाभ शिक्षा क्षेत्र को भी मिलने की उम्मीद है। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले छात्रों और शिक्षकों के लिए यमुना सिटी तक पहुंच आसान होगी। एयरपोर्ट के आसपास शिक्षा संस्थानों के विकास से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
यमुना सिटी में विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़ने से यहां शिक्षा से जुड़े अन्य क्षेत्रों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। निजी आवास, छात्रावास, परिवहन, खान-पान और अन्य सेवाओं की मांग बढ़ सकती है। इससे स्थानीय कारोबार और अर्थव्यवस्था को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
इस तरह जेवर एयरपोर्ट के कारण तेजी से विकसित हो रही यमुना सिटी अब सिर्फ औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगी। दो सेक्टरों में सात विश्वविद्यालयों की योजना इसे आने वाले समय में एनसीआर के प्रमुख एजुकेशन हब में शामिल कर सकती है।

