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परी चौक से कश्मीरी गेट जा रही स्लीपर बस में नाबालिग से दरिंदगी, पुलिस ने बस की जब्त; जुलाई में कट चुके थे 8 चालान

परी चौक से कश्मीरी गेट जा रही स्लीपर बस में नाबालिग से दरिंदगी, पुलिस ने बस की जब्त; जुलाई में कट चुके थे 8 चालान

ग्रेटर नोएडा के परी चौक से दिल्ली के कश्मीरी गेट के बीच चलने वाली जिस स्लीपर बस में 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ कथित गैंगरेप की घटना हुई, उसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। मामले की जांच के दौरान बस के पुराने रिकॉर्ड भी सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि यह बस पहले भी कई बार यातायात नियमों का उल्लंघन कर चुकी है। अकेले जुलाई महीने में बस के एक-दो नहीं, बल्कि आठ चालान किए गए थे।

पुलिस ने बस को जांच के लिए जब्त किया

घटना के सामने आने के बाद पुलिस ने स्लीपर बस को अपने कब्जे में ले लिया है। अब बस की फोरेंसिक जांच के साथ-साथ उसके अंदर से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के दौरान बस में कौन-कौन लोग मौजूद थे और वारदात से जुड़े सबूत कहां-कहां से मिल सकते हैं।

बस को जब्त किए जाने के बाद जांच एजेंसियां उसके अंदर की स्थिति, सीटों और अन्य हिस्सों की भी जांच कर रही हैं। मामले में वैज्ञानिक साक्ष्यों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जुलाई में आठ बार कट चुका था चालान

जांच के दौरान बस के पुराने रिकॉर्ड ने भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, जुलाई में इस बस के खिलाफ यातायात नियमों के उल्लंघन के आठ चालान किए गए थे।

एक ही महीने में इतनी बार चालान होने के बावजूद बस का संचालन जारी रहने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस अब बस के दस्तावेजों और उसके संचालन से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।

परी चौक से कश्मीरी गेट के बीच चलती थी बस

यह स्लीपर बस ग्रेटर नोएडा के परी चौक से दिल्ली के कश्मीरी गेट के बीच संचालित होती थी। इसी रूट पर सफर के दौरान नाबालिग छात्रा के साथ कथित दरिंदगी की घटना सामने आई।

घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। बस को जब्त करने के साथ ही पुलिस घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

बस के संचालन और नियमों की भी होगी जांच

बस के खिलाफ पहले दर्ज किए गए चालानों के सामने आने के बाद अब पुलिस और संबंधित विभाग बस के संचालन से जुड़े नियमों की भी पड़ताल कर सकते हैं। यह देखा जाएगा कि बस के पास सभी जरूरी दस्तावेज और परमिट थे या नहीं और उसके संचालन में किसी तरह की अनियमितता तो नहीं थी।

पुलिस मामले में आरोपियों के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों को जुटाने के साथ-साथ घटना से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही है। बस से मिलने वाले फोरेंसिक साक्ष्य और पुराने रिकॉर्ड जांच को आगे बढ़ाने में अहम साबित हो सकते हैं।

फिलहाल बस पुलिस के कब्जे में है और जांच एजेंसियां उसके अंदर से संभावित सबूत जुटाने में लगी हैं। वहीं, जुलाई में आठ चालान होने की जानकारी सामने आने के बाद बस के संचालन और यातायात नियमों के पालन को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं।

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