इसके बाद भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल बाली के विश्व प्रसिद्ध उलुवातु मंदिर पहुंचा। यह मंदिर बाली के नौ प्रमुख डायरेक्शनल मंदिरों में से एक है। अद्भुत वास्तुकला से सुसज्जित, यह मंदिर एक अद्वितीय स्थान पर स्थित है, जहां ऊपर घने बादल हैं और नीचे चट्टानों पर लहरें आकर टकराती हैं। बिरला ने उलुवातु केकक डांस ओपन थिएटर, बाली में केकक नृत्य प्रदर्शन भी देखा। चूंकि यह नृत्य रामायण से प्रेरित है, इसलिए इससे विशेष रूप से भारतीय मूल के लोगों में गर्व की भावना उत्पन्न होती है कि भारत की समृद्ध संस्कृति इतने दूर-दराज के क्षेत्रों तक भी फैली हुई है ।
आपको बता दें कि, जी-20 देशों की संसदों के अध्यक्षों के आठवें शिखर सम्मेलन पी-20 का उद्घाटन गुरुवार, 6 अक्तूबर को होगा। इस सम्मेलन का समग्र विषय सतत सुधार के लिए सशक्त संसद है। प्रतिनिधि समग्र विषय के व्यापक दायरे के भीतर चार उप-विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। शिखर सम्मेलन के अंत में एक संयुक्त वक्तव्य स्वीकार किया जाएगा। लोक सभा अध्यक्ष बिरला 6 अक्तूबर को प्रभावी संसद, जीवंत लोकतंत्र विषय पर मुख्य वक्ता के रूप में विशिष्ट सभा को संबोधित करेंगे । वह कल उभरते मुद्दे: खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा, और आर्थिक चुनौतियां विषय पर होने वाली चर्चा में भी भाग लेंगे। वहीं राज्य सभा के उपसभापति हरिवंश गुरुवार को सामाजिक समावेशन, लैंगिक समानता और महिला अधिकारिता विषय पर चर्चा में भाग लेंगे ।
7 अक्तूबर को लोक सभा अध्यक्ष अपने विशेष संबोधन में जी -20 देशों के अध्यक्षों को भारत की संसद की अध्यक्षता में 2023 में भारत में होने वाले 9वें पी 20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित करेंगे । इस शिखर सम्मेलन में भाग लेने के साथ ही बिरला अन्य संसदों के अध्यक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।
--आईएएनएस
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