देशभर में 77वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया, कांग्रेस ने पीछे सीट पर नाराजगी जताई
देशभर में सोमवार को 77वां गणतंत्र दिवस बड़े उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया। राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित मुख्य समारोह ने हजारों लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया। इस अवसर पर आम नागरिकों के साथ-साथ केंद्रीय और राज्य स्तर के नेता भी मौजूद रहे।
समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराने, परेड, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और सुरक्षा बलों की टुकड़ियों द्वारा मार्च पास्ट शामिल थे। सुरक्षा व्यवस्था के सख्त इंतजामों के बीच देशभक्ति के गीतों और झांकियों ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।
इस बीच, समारोह में एक राजनीतिक विवाद भी देखने को मिला। कांग्रेस ने सांसद राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पीछे सीट दिए जाने पर नाराजगी जताई। पार्टी ने कहा कि उन्हें उचित सम्मान नहीं दिया गया और इस पर सवाल उठाए हैं। पार्टी के नेताओं का कहना है कि गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय अवसर पर सभी सांसदों और नेताओं को समान स्तर की सम्मानजनक व्यवस्था मिलनी चाहिए।
समारोह स्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि पीछे बैठने की व्यवस्था के बावजूद राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने पूरी गरिमा के साथ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। अधिकारियों ने कहा कि बैठने की योजना सुरक्षा और व्यवस्थागत कारणों से तय की जाती है। उन्होंने इस बात को खारिज किया कि किसी नेता को अपमानित किया गया हो।
विशेषज्ञों का कहना है कि राष्ट्रीय पर्वों पर सम्मान और सीटिंग व्यवस्था को लेकर विवाद बढ़ने की संभावना रहती है। उन्होंने सुझाव दिया कि राजनीतिक नेताओं और अधिकारियों के बीच समन्वय और पूर्व-निर्धारित व्यवस्था होना आवश्यक है, ताकि ऐसे अवसरों पर विवाद उत्पन्न न हो।
समारोह में शामिल सुरक्षा बलों की टुकड़ियों ने मार्च पास्ट और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से देशभक्ति की भावना को जीवंत कर दिया। झांकियों में भारत की विविध संस्कृति, ऐतिहासिक उपलब्धियां और राज्य-स्तरीय उपलब्धियों को दर्शाया गया।
आम नागरिकों ने भी समारोह में भाग लेकर देशभक्ति और गर्व की भावना प्रकट की। बच्चों और युवाओं ने झांकियों और परेड का विशेष आनंद लिया। सामाजिक और शैक्षणिक संस्थाओं की टीमें भी कार्यक्रम में शामिल हुईं और उनके द्वारा प्रस्तुत नृत्य, नाटक और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देखने लायक थीं।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने सभी प्रतिभागियों को संविधान और लोकतंत्र के प्रति सम्मान प्रकट करने की अपील की। वहीं कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों ने समारोह में राजनीतिक चर्चा को भी जन्म दिया।
इस प्रकार, 77वें गणतंत्र दिवस ने देशभर में भव्यता, देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव को प्रदर्शित किया। वहीं, कांग्रेस के नाराजगी जताने के मामले ने यह भी दिखाया कि राजनीतिक नेताओं के बीच सम्मान और प्राथमिकता को लेकर विवाद उत्पन्न होने की संभावना रहती है।

