दिल्ली में 20 लाख झुग्गीवासियों को मिलेगा पक्का मकान, रेखा गुप्ता सरकार ने पुनर्वास नीति को दी मंजूरी
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार ने झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए आवास योजना की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार के फैसले के मुताबिक, दिल्ली की पात्र झुग्गी बस्तियों में रहने वाले करीब 20 लाख लोगों को स्थायी आवास उपलब्ध कराने का रास्ता तैयार किया गया है। इसके तहत लगभग 4 से 5 लाख परिवारों को पक्के मकान मिलने की उम्मीद है।
यह फैसला दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) की बैठक में लिया गया था। इसके तहत 1 जनवरी 2025 तक स्थापित झुग्गी-झोपड़ी (JJ) बस्तियों में रहने वाले पात्र परिवारों को पुनर्वास का लाभ देने का प्रावधान किया गया है। सरकार के अनुसार, पहले की पात्रता शर्तों के कारण कई परिवार योजना के दायरे से बाहर रह गए थे। कटऑफ तारीख में बदलाव से अब अधिक परिवारों को इसका लाभ मिल सकेगा।
बहुमंजिला फ्लैटों में मिलेंगी जरूरी सुविधाएं
योजना के तहत पात्र परिवारों को बहुमंजिला इमारतों में फ्लैट उपलब्ध कराने की बात कही गई है। सरकार का कहना है कि पुनर्वास कॉलोनियों में केवल मकान ही नहीं, बल्कि जरूरी बुनियादी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इनमें स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य सुविधाएं और बच्चों के खेलने के लिए पार्क शामिल होंगे।
PPP मॉडल से होगा पुनर्वास
झुग्गी बस्तियों के पुनर्विकास और पुनर्वास के लिए सरकार पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल अपनाने की तैयारी कर रही है। केंद्र और दिल्ली सरकार के समन्वय से इस योजना को आगे बढ़ाया जाएगा। केंद्र सरकार की ओर से भी पुनर्वास परियोजनाओं के लिए झुग्गी बस्तियों के समूहों में काम शुरू करने और टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
पात्रता और मकान मिलने की प्रक्रिया अहम
इस योजना में सबसे महत्वपूर्ण बात पात्रता की है। 1 जनवरी 2025 तक स्थापित झुग्गी बस्तियों में रहने वाले परिवारों को पुनर्वास का लाभ मिल सकेगा, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि दिल्ली के हर झुग्गी निवासी को तुरंत मकान मिल जाएगा। प्रत्येक परिवार को निर्धारित पात्रता शर्तों और सरकारी प्रक्रिया के तहत लाभ दिया जाएगा।
दिल्ली की झुग्गी पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति 2026 को 4 नवंबर 2026 को अधिसूचित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। अब योजना के क्रियान्वयन, पात्र परिवारों की पहचान और परियोजनाओं की समयसीमा पर नजर रहेगी।
सरकार का दावा है कि इस फैसले से राजधानी में रहने वाले लाखों झुग्गीवासियों को बेहतर आवास और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। हालांकि, वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि पात्रता की जांच और पुनर्वास की प्रक्रिया कितनी तेजी से पूरी होती है।

