एनसीआर क्षेत्र में दैनिक जागरण और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के संयुक्त अभियान 'एएमआर पर प्रहार' का समापन हो गया। इस अभियान में तीन लाख से अधिक लोगों ने एंटीबायोटिक दवाओं के जिम्मेदार उपयोग की शपथ ली और एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) के बढ़ते खतरे के प्रति जागरूकता फैलाने में भाग लिया।
अभियान के दौरान स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों और सार्वजनिक स्थलों पर 350 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में डॉक्टरों, छात्रों और नागरिकों ने हिस्सा लिया और एंटीबायोटिक दवाओं का जिम्मेदार उपयोग सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।
IMA के वरिष्ठ डॉक्टरों ने कहा कि एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस दुनिया भर के लिए गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है। डॉक्टरों ने कहा कि एंटीबायोटिक दवाओं का अंधाधुंध और गलत उपयोग AMR को बढ़ावा देता है, जिससे सामान्य संक्रमण भी गंभीर और उपचार कठिन बन सकते हैं। इस अभियान का उद्देश्य नागरिकों को इस खतरे से अवगत कराना और सुरक्षित चिकित्सा प्रथाओं को बढ़ावा देना था।
दैनिक जागरण के प्रतिनिधियों ने बताया कि अभियान में जन सहभागिता को प्राथमिकता दी गई। नागरिकों ने न केवल शपथ ली, बल्कि AMR से बचाव और एंटीबायोटिक दवाओं के सही उपयोग के बारे में जागरूकता प्राप्त की। अभियान के दौरान डॉक्टर्स ने लोगों को बताया कि बिना सलाह के एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए और दवा को समय पर और सही खुराक में पूरा करना आवश्यक है।
विशेषज्ञों का कहना है कि AMR का खतरा सिर्फ एक देश या क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर गंभीर चुनौती बन चुका है। उन्होंने कहा कि जन जागरूकता अभियान AMR को रोकने और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अभियान में डॉक्टरों के साथ-साथ शिक्षकों, छात्रों और नागरिकों ने भी सक्रिय भागीदारी दिखाई। डॉक्टरों ने अस्पतालों में एंटीबायोटिक दवाओं के नियमित और जिम्मेदार उपयोग के महत्व को स्पष्ट किया। वहीं, स्कूल और कॉलेजों में छात्रों को सही दवा उपयोग और स्वास्थ्य सुरक्षा के बारे में जानकारी दी गई।
अभियान के समापन समारोह में आयोजकों ने कहा कि यह पहल न केवल जन जागरूकता बढ़ाने में सफल रही, बल्कि लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और चिकित्सा प्रथाओं में सुधार की ओर भी प्रेरित किया। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसे अभियान और अधिक बड़े स्तर पर आयोजित किए जाएंगे ताकि AMR के खतरे से समाज को बचाया जा सके।
कुल मिलाकर, दैनिक जागरण और IMA का 'एएमआर पर प्रहार' अभियान न केवल सफल रहा, बल्कि इसने एनसीआर में हजारों लोगों में जिम्मेदार एंटीबायोटिक उपयोग की चेतना पैदा की। डॉक्टरों और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से यह अभियान AMR के प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ाने और सुरक्षित चिकित्सा प्रथाओं को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण साबित हुआ।

