क्या इन 03 अधिकारियों के घोटाले सरकार की जांच के दायरे में आएंगे? छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक गलियारों में तेज हुई कानाफूसी
छत्तीसगढ़ में सत्ता परिवर्तन के बाद प्रशासनिक गलियारों में नए समीकरण बनते हुए दिखाई दे रहे हैं। राजनीतिक और नौकरशाही हलकों में इन दिनों तीन अधिकारियों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। बताया जा रहा है कि पिछली सरकार में बेहद प्रभावशाली माने जाने वाले एक आईएएस अधिकारी, जिनकी उस दौर में खूब चलती थी, इन दिनों चर्चा के केंद्र में हैं। उनके साथ एक ऐसे आईपीएस अधिकारी का नाम भी जोड़ा जा रहा है जिन्हें प्रशासनिक हलकों में “संदिग्ध डायरी” प्रकरण के कारण जाना जाता है। सूत्रों का दावा है कि ये दोनों अधिकारी मिलकर मौजूदा सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
चर्चाओं का बाजार यहीं नहीं थमता। कहा जा रहा है कि वर्तमान सरकार में प्रभावहीन हो चुके एक अन्य आईएएस अधिकारी भी इस कथित समूह का हिस्सा बन गए हैं और परदे के पीछे से इस पूरे खेल को आगे बढ़ाने में भूमिका निभा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, इस पूरे प्रकरण में कुछ पत्रकारों के नाम भी फुसफुसाहटों में लिए जा रहे हैं। आरोप है कि ये पत्रकार इन अधिकारियों के कथित “पपेट” बनकर सरकार की नीतियों को लेकर नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश में जुटे हुए हैं।
प्रशासनिक हलकों में यह भी चर्चा है कि इन तीनों अधिकारियों के कुछ फैसलों और कथित घोटालों से जुड़े दस्तावेज अब सरकार तक पहुंच चुके हैं। कहा जा रहा है कि इन मामलों का पूरा ब्यौरा शासन के पास है और आने वाले समय में इन पर कड़ी कार्रवाई की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा।
जानकारों का कहना है कि इस पूरे मामले में एक बड़े राजनेता का संरक्षण है तथा इन सभी चीज़ों का अपना राजनीतिक समीकरण भी है।इतना ही नहीं राजनेता के सपोर्ट और कृत्यों से संगठन और आलाकमान पूरी तरह अवगत जिसका खामियाजा आने वाले दिनों में राजनेता को भुगतना पद सकता है।
गंभीर घोटालों के मामलों में अब तक छत्तीसगढ़ के आधा दर्जन आईएएस जांच और जेल तक का सामना कर चुके हैं। ऐसे में अगर भविष्य में इन अधिकारियों के मामलों की परतें खुलती हैं तो यह कोई असामान्य घटना नहीं मानी जाएगी।इस पूरे मामले में आने वाले दिनों में किसी बड़े आईएएस अधिकारी की गिरफ्तारी देखने को मिल सकती है।
इसी बीच चर्चाओं में यह भी कहा जा रहा है कि पूर्व में बेहद प्रभावशाली रहे इस आईएएस अधिकारी के घर हाल ही में नवा रायपुर के क्षेत्र में एक भव्य शादी समारोह हुआ, जिसमें कथित तौर पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने की चर्चा है। वहीं दूसरे अधिकारी के उत्तरप्रदेश में जमीन और अस्पताल में निवेश को लेकर भी प्रशासनिक हलकों में बातें हो रही हैं, जिन पर शासन की नजर बताई जा रही है।वही आईपीएस अधिकारी सबसे उचे पद पर काबिज होने के लिए हर संभव जोड़ तोड़ को अंजाम दे रहे है
अब सवाल यही है कि नौकरशाही के इन चर्चित नामों से जुड़े मामलों की सच्चाई आखिर क्या है और क्या वाकई इन कथित घोटालों की जांच होगी? आने वाले समय में प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों की नजर इसी पर टिकी हुई है।

