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छत्तीसगढ़ में फिर बदलेगा मौसम, 6 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट; 15 जिलों में येलो अलर्ट

छत्तीसगढ़ में फिर बदलेगा मौसम, 6 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट; 15 जिलों में येलो अलर्ट

छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने छह जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं 15 जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों को मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के छह जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। इन इलाकों में बारिश के दौरान स्थानीय स्तर पर जलभराव और निचले क्षेत्रों में पानी जमा होने की स्थिति बन सकती है। लगातार बारिश होने पर नदी-नालों का जलस्तर भी बढ़ सकता है।

ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खासकर नदी, नाले और जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखने को कहा गया है। प्रशासन भी संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है।

15 जिलों में येलो अलर्ट

छह जिलों के अलावा प्रदेश के 15 जिलों में भी भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश के कारण सड़क और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

येलो अलर्ट का मतलब है कि मौसम खराब होने की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम विभाग के अनुसार बारिश के दौरान स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर असर अलग-अलग हो सकता है।

निचले इलाकों में बढ़ सकती है परेशानी

मानसून के दौरान भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर निचले इलाकों में देखने को मिलता है। लगातार बारिश होने पर पानी की निकासी प्रभावित हो सकती है और सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों और संपर्क मार्गों पर भी पानी भरने की समस्या सामने आ सकती है।

अगर बारिश का दौर लंबा चलता है तो नदी-नालों में पानी तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

आंधी और बिजली गिरने का भी खतरा

भारी बारिश के साथ कई इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की भी संभावना रहती है। ऐसे मौसम में वज्रपात का खतरा बढ़ जाता है। लोगों को सलाह दी जाती है कि बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े न हों।

किसानों को भी मौसम की स्थिति को देखते हुए खेतों में काम करते समय सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम खराब होने पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचना बेहतर होगा।

प्रशासन भी अलर्ट

मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासनिक अमला भी संभावित स्थिति से निपटने की तैयारी में जुट गया है। संवेदनशील इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर पर नजर रखने की जरूरत बढ़ गई है। राहत और बचाव दलों को भी आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रखा जा सकता है।

फिलहाल छत्तीसगढ़ में मानसूनी गतिविधियों के बीच मौसम का मिजाज बदला हुआ है। छह जिलों में ऑरेंज और 15 जिलों में येलो अलर्ट के चलते लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेने की सलाह दी गई है। आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति पर लगातार नजर बनी रहे

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