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दोपहर में शेयर खरीदने का कहते, अगले दिन सुबह उसे बिकवा देते; रायपुर में कारोबारी से 96 लाख की ठगी
 

दोपहर में शेयर खरीदने का कहते, अगले दिन सुबह उसे बिकवा देते; रायपुर में कारोबारी से 96 लाख की ठगी

फर्जी निवेश और ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को करोड़ों रुपये का चूना लगाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में एक कारोबारी से करीब 96 लाख रुपये निवेश कराने का आरोप है। कारोबारी के मुताबिक, आरोपियों ने उन्हें एक ऐप के जरिए निवेश पर भारी मुनाफे का भरोसा दिलाया। कुछ समय बाद ऐप में उनके निवेश की रकम बढ़कर करीब एक करोड़ 90 लाख रुपये दिखाई जाने लगी। इससे कारोबारी को लगा कि उसका निवेश फायदे में है। हालांकि, जब रकम निकालने की कोशिश की गई तो पूरे मामले पर शक गहराने लगा।

कारोबारी के अनुसार, 3 सितंबर तक वह करीब 96 लाख रुपये आरोपियों के बताए तरीके से निवेश कर चुके थे। इसके बाद ऐप पर उनके निवेश और कथित मुनाफे को जोड़कर करीब 1.90 करोड़ रुपये की रकम दिखाई जा रही थी। ऐप में रकम बढ़ती देखकर उन्हें विश्वास होने लगा कि निवेश से बड़ा मुनाफा हो रहा है।

आरोपियों ने दिखाया बड़ा मुनाफा

ऑनलाइन निवेश से जुड़े साइबर ठगी के मामलों में अक्सर फर्जी ऐप के जरिए निवेशकों को उनके खाते में बढ़ी हुई रकम दिखाई जाती है। शुरुआत में छोटी रकम के मुनाफे या निकासी का भरोसा देकर निवेशक का विश्वास जीता जाता है। इसके बाद उससे बड़ी रकम निवेश कराने का सिलसिला शुरू हो जाता है।

इस मामले में भी कारोबारी का आरोप है कि आरोपियों ने उसे निवेश पर लगातार मुनाफा मिलने की जानकारी दी। ऐप पर रकम बढ़ती हुई दिखाई गई, जिससे कारोबारी को अपने निवेश पर भरोसा बना रहा। देखते ही देखते ऐप में रकम करीब 1.90 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

निकासी के समय सामने आया पेंच

मामले में सबसे बड़ा सवाल उस समय खड़ा हुआ जब कारोबारी ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की। ऐसे मामलों में आरोपियों की ओर से अक्सर टैक्स, प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी या अन्य शुल्क के नाम पर अतिरिक्त रकम मांगी जाती है। इसके बाद निवेशक को लगातार भुगतान करने के लिए दबाव बनाया जाता है।

कारोबारी की शिकायत के आधार पर पुलिस पूरे मामले की जांच कर सकती है कि रकम किन बैंक खातों में भेजी गई, आरोपियों ने किस ऐप का इस्तेमाल किया और ऐप पर दिखाई जा रही करीब 1.90 करोड़ रुपये की रकम वास्तव में मौजूद थी या केवल स्क्रीन पर दिखाई जाने वाली राशि थी।

ऐप और लेन-देन की जांच जरूरी

जांच में कारोबारी के बैंक खातों से हुए लेन-देन, आरोपियों के मोबाइल नंबर, बैंक खातों, चैट और इस्तेमाल किए गए ऐप की जानकारी अहम हो सकती है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं और अन्य लोगों को भी इसी तरीके से निशाना बनाया गया या नहीं।

ऑनलाइन निवेश करने वाले लोगों के लिए यह मामला एक बार फिर सावधानी का संकेत है। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर बड़ी रकम निवेश करने से पहले संबंधित कंपनी, ऐप और निवेश प्लेटफॉर्म की वैधता की जांच करना जरूरी है। ऐप पर दिखाई देने वाला मुनाफा अपने आप में इस बात की गारंटी नहीं होता कि रकम वास्तव में निवेशक के खाते में मौजूद है।

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