रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर सख्ती: राज्य सरकार ने लिया गंभीर संज्ञान, सभी नगरीय निकायों को नई कार्ययोजना के निर्देश
राज्य में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को अनिवार्य रूप से लागू न किए जाने के मामले को सरकार ने गंभीरता से लिया है। मीडिया रिपोर्ट के सामने आने के बाद नगरीय प्रशासन विभाग सक्रिय हो गया है और पूरे मामले में नए सिरे से व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
विभाग की ओर से सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग व्यवस्था के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए और इसमें मौजूद खामियों को तत्काल दूर किया जाए। यह निर्देश विशेष रूप से विभागीय अधिकारियों, नगर निगम आयुक्तों, मुख्य नगर पालिका अधिकारियों, नोडल अधिकारियों सहित प्रदेश के सभी 194 नगरीय निकायों के लिए जारी किए गए हैं।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, जल संरक्षण को लेकर यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि शहरी क्षेत्रों में भूजल स्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। ऐसे में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को प्रभावी तरीके से लागू करना समय की आवश्यकता बन गया है।
निर्देशों में यह भी कहा गया है कि सभी नगरीय निकाय अपने-अपने क्षेत्रों में भवन निर्माण अनुमति प्रक्रिया के दौरान रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को अनिवार्य रूप से लागू करें और इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। साथ ही पुराने भवनों में भी इसे लगाने के लिए अभियान चलाने पर जोर दिया गया है।
विभाग ने अधिकारियों को यह भी कहा है कि वे नियमित रूप से इसकी मॉनिटरिंग करें और प्रगति रिपोर्ट राज्य स्तर पर भेजें। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना भी जताई गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो आने वाले वर्षों में जल संकट की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। वहीं, पर्यावरणविदों ने भी इस पहल का स्वागत किया है और इसे जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
फिलहाल, राज्य सरकार ने सभी निकायों को निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा है, ताकि शहरी क्षेत्रों में जल संरक्षण व्यवस्था को मजबूत किया जा सके और भविष्य की जल आवश्यकताओं को सुरक्षित किया जा सके।

