छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर जारी, इंद्रावती नदी उफान पर; निचले इलाकों में अलर्ट
छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश से कई इलाकों में हालात प्रभावित होने लगे हैं। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में बीती रात से लगातार वर्षा हो रही है। दक्षिण छत्तीसगढ़ में भारी बारिश के कारण इंद्रावती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है और नदी उफान पर बह रही है। प्रशासन ने नदी और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
दक्षिण छत्तीसगढ़ में बढ़ी चिंता
दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई जिलों में लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। इंद्रावती नदी में पानी बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है।नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की अपील की गई है। अधिकारियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
रायपुर समेत कई क्षेत्रों में बारिश
राजधानी रायपुर में भी रातभर बारिश का दौर जारी रहा। लगातार बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में आगे भी बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और मौसम में ठंडक महसूस होने लगी है। हालांकि, लगातार वर्षा के कारण आम जनजीवन पर भी असर पड़ रहा है।
प्रशासन ने जारी की सतर्कता
इंद्रावती नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने संबंधित विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी करने और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।लोगों से अपील की गई है कि वे तेज बहाव वाले नदी-नालों को पार करने की कोशिश न करें और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें।
बारिश से किसानों को भी असर
प्रदेश में हो रही बारिश का असर खेती-किसानी पर भी पड़ सकता है। जहां कुछ क्षेत्रों में बारिश फसलों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है, वहीं अधिक बारिश वाले इलाकों में जलभराव और फसल नुकसान की चिंता भी बनी हुई है।फिलहाल प्रशासन और मौसम विभाग की नजर प्रदेश में बारिश की स्थिति पर बनी हुई है। इंद्रावती नदी समेत अन्य जल स्रोतों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।

