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टेलीग्राम पर सिर्फ 100 रुपए में बिक रहे सैकड़ों कपल्स के प्राइवेट और इंटिमेट मोमेंट्स, दलाल बोला- छत्तीसगढ़ी का रेट ज्यादा

टेलीग्राम पर सिर्फ 100 रुपए में बिक रहे सैकड़ों कपल्स के प्राइवेट और इंटिमेट मोमेंट्स, दलाल बोला- छत्तीसगढ़ी का रेट ज्यादा

सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म टेलीग्राम पर हाल ही में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। खबर है कि कुछ अपराधी केवल 100 रुपए में सैकड़ों कपल्स के इंटिमेट और प्राइवेट वीडियो और तस्वीरें बेच रहे हैं। पेमेंट करते ही कस्टमर की डिमांड के हिसाब से ग्रुप के लिंक साझा किए जाते हैं, जिससे अपराध तेजी से फैल रहा है।

सूत्रों के अनुसार, इस अवैध व्यापार में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, बंगाल, दिल्ली, पंजाब, यूपी और बिहार सहित कई राज्यों के लोगों के वीडियो और तस्वीरें शामिल हैं। यह मामला न केवल व्यक्तिगत गोपनीयता का उल्लंघन है, बल्कि साइबर अपराध की श्रेणी में आता है।

इस तरह के मामले डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर तेजी से फैलते हैं और सामाजिक व कानूनी दोनों दृष्टियों से गंभीर हैं। ऐसे अपराधी लोगों की निजी जिंदगी का फायदा उठाकर उन्हें परेशान करने के साथ-साथ अवैध आमदनी भी कर रहे हैं।

इस अवैध व्यापार का तरीका भी बेहद संगठित बताया जा रहा है। अपराधी टेलीग्राम पर अलग-अलग चैनल और ग्रुप बनाकर वीडियो और तस्वीरें बेचते हैं। पेमेंट करने के बाद, ग्राहक को तत्काल ग्रुप का लिंक उपलब्ध कराया जाता है, जिससे किसी भी समय डिजिटल सामग्री तक पहुंच बनाई जा सकती है।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के अवैध ग्रुप्स को पकड़ना आसान नहीं होता क्योंकि टेलीग्राम की एनक्रिप्शन और प्राइवेसी पॉलिसी उन्हें छुपाने में मदद करती है। इसके बावजूद, पुलिस और साइबर सेल इस मामले में सक्रिय हो चुकी हैं। उन्होंने कहा है कि सीआईडी और साइबर क्राइम टीम इस अवैध व्यापार की जड़ तक पहुँचने के लिए जांच कर रही है।

विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह के निजी वीडियो या तस्वीरें किसी के साथ अनजान रूप से साझा न करें। डिजिटल सुरक्षा के लिए अपने फोन और सोशल मीडिया अकाउंट्स पर स्ट्रॉन्ग पासवर्ड, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और गोपनीयता सेटिंग्स अपनाना जरूरी है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही खबरों ने यह सवाल भी उठाया है कि क्या लोगों की निजी जिंदगी डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर सुरक्षित है। साइबर अपराध के मामले बढ़ने से यह स्पष्ट हो गया है कि डिजिटल युग में गोपनीयता और सुरक्षा की जागरूकता बहुत जरूरी है।

पुलिस ने अब तक कई ग्रुप्स और उनके संचालकों की पहचान कर ली है और उन पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि अगर वे ऐसे किसी ग्रुप या सामग्री के बारे में जानते हैं, तो तुरंत साइबर सेल को सूचित करें।

यह मामला यह दिखाता है कि डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर अवैध व्यापार और गोपनीयता उल्लंघन एक गंभीर चुनौती बन गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि केवल तकनीकी समाधान नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और कानूनी कठोरता ही ऐसे अपराधों को रोक सकती है।

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