राजकिशोर नगर शक्ति चौक के पास रविवार देर रात 21 वर्षीय संस्कार सिंह ने अपने घर में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। संस्कार सिंह मेडिकल कॉलेज का छात्र था और बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से डिप्रेशन की समस्या से जूझ रहा था।
पुलिस और परिवार के सदस्यों के अनुसार, घटना रविवार देर रात हुई। पड़ोसियों ने आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक संस्कार सिंह की मौत हो चुकी थी। परिवार और दोस्तों का कहना है कि संस्कार कई महीनों से मानसिक तनाव और अवसाद में था, लेकिन उसने किसी को गंभीर रूप से अपनी परेशानी के बारे में नहीं बताया।
मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों ने इस घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि संस्कार सिंह एक होनहार छात्र था और उसकी इस अप्रत्याशित मौत से कॉलेज परिसर में शोक की लहर है। कॉलेज प्रशासन ने छात्रों और कर्मचारियों के लिए काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आज के समय में मानसिक स्वास्थ्य का महत्व बहुत अधिक है। लगातार पढ़ाई का दबाव, प्रतियोगी परीक्षाएं और व्यक्तिगत जीवन की चुनौतियां युवा छात्रों पर भारी पड़ सकती हैं। ऐसे में परिवार और समाज की जिम्मेदारी बनती है कि वे मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें और जरूरत पड़ने पर समय पर पेशेवर मदद लें।
राजकिशोर नगर के निवासी और पड़ोसी संस्कार सिंह के परिवार के दुख में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि संस्कार एक शांत और मिलनसार छात्र था और किसी को इस कदर परेशान होने का अंदाजा नहीं था। उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है और कहा कि इस घटना ने पूरे मोहल्ले को हिलाकर रख दिया है।
पुलिस ने घटना स्थल पर जांच शुरू कर दी है और आत्महत्या के कारणों की पुष्टि के लिए आवश्यक कागजी कार्रवाई कर रही है। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि संस्कार सिंह मानसिक तनाव और अवसाद के कारण यह कदम उठाया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि परिवार और कॉलेज प्रशासन के सहयोग से घटना की गहराई से जांच की जा रही है।
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अवसाद और तनाव जैसे मुद्दों को नजरअंदाज करना घातक हो सकता है। वे परिवारों और शिक्षण संस्थानों से अपील करते हैं कि वे छात्रों की मानसिक स्थिति पर नजर रखें और समय-समय पर उन्हें मानसिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराएं।
संस्कार सिंह की इस दुखद मृत्यु ने एक बार फिर युवा छात्रों और उनके परिवारों के लिए चेतावनी दी है कि मानसिक स्वास्थ्य को गंभीरता से लिया जाए। साथ ही यह घटना समाज में इस विषय पर खुलकर चर्चा करने की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है।
परिवार, मित्र और पड़ोसी अभी भी इस सदमे से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। कॉलेज प्रशासन ने कहा है कि आवश्यकतानुसार परिवार की हर संभव मदद की जाएगी और छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता और सहायता देने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
संस्कार सिंह की असमय मौत ने पूरे शहर को शोक में डाल दिया है और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर समाज को गंभीरता से सोचने पर मजबूर कर दिया है।

