आरोपियों की याचिका खारिज, 80 किमी जंगली रास्ते को लेकर सुरक्षा तर्क पर हाईकोर्ट का रुख सख्त
छत्तीसगढ़ से जुड़े एक चर्चित पत्रकार हत्याकांड मामले में आरोपितों को बड़ा झटका लगा है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने आरोपियों की वह याचिका खारिज कर दी है, जिसमें मुकदमे को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की गई थी।
आरोपियों ने दलील दी थी कि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान उन्हें लगभग 80 किलोमीटर के जंगली और संवेदनशील रास्ते से गुजरना पड़ता है, जिससे उनकी जान को खतरा हो सकता है। इसी आधार पर उन्होंने केस को जगदलपुर स्थानांतरित करने की मांग की थी।
हालांकि अदालत ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया और कहा कि केवल आवागमन की कठिनाई या संभावित जोखिम के आधार पर मुकदमे के स्थान को बदला नहीं जा सकता, जब तक कि ठोस और असाधारण परिस्थितियां साबित न हों।
इस मामले में पत्रकार की हत्या से जुड़े आरोप गंभीर हैं और पहले से ही यह केस न्यायिक प्रक्रिया में चल रहा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि न्याय प्रक्रिया में किसी भी तरह की बाधा या अनावश्यक बदलाव उचित नहीं माना जा सकता।
छत्तीसगढ़ पुलिस की ओर से भी मामले की जांच जारी है और आरोपियों के खिलाफ सबूतों को अदालत में पेश किया जा रहा है।
इस फैसले के बाद अब मुकदमे की सुनवाई मौजूदा स्थान पर ही जारी रहेगी। कोर्ट के इस निर्णय को न्यायिक प्रक्रिया की स्थिरता और निष्पक्षता बनाए रखने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

