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जूस की दुकान से हजारों करोड़ के सट्टेबाजी नेटवर्क तक, जानिए कौन है सौरभ चंद्राकर?

जूस की दुकान से हजारों करोड़ के सट्टेबाजी नेटवर्क तक, जानिए कौन है सौरभ चंद्राकर?

महादेव सट्टेबाजी ऐप मामले में ओमान से भारत लाए गए सौरभ चंद्राकर की कहानी काफी चर्चा में है। कभी जूस की दुकान चलाने वाला सौरभ चंद्राकर कुछ ही वर्षों में हजारों करोड़ रुपये के कथित ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़ गया। जांच एजेंसियों के मुताबिक, वह महादेव ऐप मामले के प्रमुख आरोपियों में शामिल है। करीब 6,000 करोड़ रुपये के इस कथित सट्टेबाजी मामले में उसकी भूमिका की जांच की जा रही है।

जूस की दुकान चलाने से शुरू हुआ सफर

सौरभ चंद्राकर के शुरुआती जीवन को लेकर सामने आई जानकारी के मुताबिक, वह पहले जूस की दुकान चलाता था। सामान्य कारोबार से शुरुआत करने वाले चंद्राकर का नाम बाद में ऑनलाइन सट्टेबाजी के बड़े नेटवर्क से जुड़ गया। कुछ ही वर्षों में उसका नाम ऐसे कथित कारोबार में सामने आया, जिसमें बड़ी रकम के लेन-देन की बात कही जा रही है।

हालांकि, उसकी कारोबारी यात्रा के अलग-अलग पड़ावों और सट्टेबाजी नेटवर्क के विस्तार से जुड़ी सभी जानकारियों की आधिकारिक पुष्टि जांच के दौरान ही हो सकेगी।

महादेव ऐप से कैसे जुड़ा मामला?

महादेव ऐप को ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े प्लेटफॉर्म के रूप में जांच के दायरे में रखा गया है। जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि इसका संचालन किस तरह होता था, इसके नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे और पैसों का लेन-देन किन माध्यमों से किया जाता था।

इस मामले में सौरभ चंद्राकर को मुख्य आरोपी बताया गया है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस नेटवर्क के जरिए बड़े पैमाने पर सट्टेबाजी का कारोबार संचालित किया गया।

ओमान से भारत लाया गया सौरभ

सौरभ चंद्राकर को ओमान से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है। CBI और अन्य एजेंसियों की कार्रवाई के बाद अब उससे पूछताछ और जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। जांच एजेंसियां उसके कथित नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन और मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका के बारे में जानकारी जुटा सकती हैं।

सौरभ चंद्राकर के भारत आने से महादेव ऐप मामले की जांच में आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण हो गई है। हालांकि, उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत में न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।

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