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Devkinandan Thakur Statement: इंग्लिश मीडियम स्कूलों और बॉलीवुड पर देवकीनंदन ठाकुर का बड़ा बयान, बोले- शिक्षा व्यवस्था पर सोचने की जरूरत

Devkinandan Thakur Statement: इंग्लिश मीडियम स्कूलों और बॉलीवुड पर देवकीनंदन ठाकुर का बड़ा बयान, बोले- शिक्षा व्यवस्था पर सोचने की जरूरत

मशहूर कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने देश की मौजूदा शिक्षा व्यवस्था और इंग्लिश मीडियम स्कूलों को लेकर बड़ा बयान दिया है। रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने देश में बढ़ते कॉन्वेंट और इंग्लिश मीडियम स्कूलों को लेकर अपनी राय रखी।उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई और कहा कि बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ अपनी संस्कृति और मूल्यों की जानकारी भी मिलनी चाहिए। इस दौरान उन्होंने बॉलीवुड को लेकर भी टिप्पणी की और फिल्मों के प्रभाव पर सवाल उठाए।

इंग्लिश मीडियम शिक्षा को लेकर जताई चिंता

देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल भाषा सीखना नहीं, बल्कि बच्चों में संस्कार, ज्ञान और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी होना चाहिए।उन्होंने देश में बढ़ते अंग्रेजी माध्यम स्कूलों को लेकर कहा कि बच्चों को अपनी मातृभाषा और संस्कृति से जुड़ाव बनाए रखना जरूरी है। उनके अनुसार, आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय मूल्यों को भी महत्व दिया जाना चाहिए।

शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की जरूरत बताई

कथावाचक ने कहा कि आज के समय में शिक्षा प्रणाली को लेकर गंभीर चर्चा की आवश्यकता है। उन्होंने बच्चों के मानसिक विकास और संस्कारों पर भी ध्यान देने की बात कही।उनका कहना था कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो बच्चों को केवल नौकरी के लिए तैयार न करे, बल्कि उन्हें समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक भी बनाए।

बॉलीवुड पर भी साधा निशाना

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान देवकीनंदन ठाकुर ने बॉलीवुड फिल्मों को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि फिल्मों का समाज और युवाओं पर गहरा प्रभाव पड़ता है, इसलिए फिल्म निर्माताओं को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।उन्होंने फिल्मों में दिखाए जाने वाले कंटेंट को लेकर सवाल उठाए और कहा कि मनोरंजन के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों का ध्यान रखना भी जरूरी है।

बयान के बाद शुरू हुई चर्चा

देवकीनंदन ठाकुर के इस बयान के बाद सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर चर्चा शुरू हो गई है। कुछ लोग उनके विचारों का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग शिक्षा और भाषा को लेकर अलग राय रख रहे हैं।शिक्षा में अंग्रेजी भाषा की भूमिका, मातृभाषा का महत्व और भारतीय संस्कृति से जुड़ाव जैसे मुद्दों पर लंबे समय से बहस होती रही है।

शिक्षा और संस्कृति को लेकर पहले भी रख चुके हैं विचार

देवकीनंदन ठाकुर धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय रखने के लिए जाने जाते हैं। इससे पहले भी वह कई मौकों पर शिक्षा, संस्कृति और युवाओं से जुड़े विषयों पर अपनी बात रख चुके हैं।रायपुर में दिया गया उनका यह बयान एक बार फिर देश की शिक्षा व्यवस्था और सांस्कृतिक मूल्यों को लेकर बहस का विषय बन गया है।

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