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 Ambikapur भ्रष्टाचार केस में कोर्ट का अग्रिम जमानत से इनकार

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 छत्तीसगढ़ न्यूज़ डेस्क बिलासपुर जिले की स्पेशल कोर्ट ने नगर और ग्राम निवेश विभाग में तैनात अनुरेखक के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है। इस आधार पर अग्रिम जमानत आवेदन खारिज किया जाता है।  विशेष कोर्ट का कहना है कि जांच में आवेदक के पास आय के हिसाब से अधिक संपत्ति है, खास बात यह है कि आय से अधिक संपत्ति में ACB ने जांच के एक साल बाद फाइल बंद कर दी थी, लेकिन सबूतों के साथ मिली एक शिकायत के बाद केस को फिर खोल दिया।

इनमें नगर तथा ग्राम निवेश विभाग बिलासपुर में पदस्थ अनुरेखक शयामलाल पटेल भी शामिल था।  एंटी करप्शन ब्यूरो ने 3 जून 2018 को आय से अधिक संपत्ति के मामले में 13 अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। इसमें सबसे अधिक 7 अधिकारी-कर्मचारी बिलासपुर के थे। पटेल पर आरोप था कि वह नक्शा पास करने के एवज में बिल्डरों से लाखों रुपए की वसूली करता था। भ्रष्टाचार के जरिए कमाई गई रकम से उसने खुद के साथ ही पत्नी, बेटे, साले और ससूर के नाम पर कई जगह अचल संपत्ति खरीदी है। ACB ने मामले की जांच पूरी होने के बाद केस खत्म कर दिया था।

बिलासपुर में ही रहने वाले एक शख्स ने पिछले साल बाकायदा सबूतों के साथ ACB को फिर से शिकायत कर बताया कि बेटे अतुल पटेल के नाम पर ग्राम भैंसबोड़ और पत्नी रामकली पटेल के नाम पर दर्ज सकरी की दो जमीनों की जानकारी ACB को नहीं दी गई। तीनों जमीन की कीमत करोड़ों में है। शिकायत के साथ पेश किए गए जमीनों के दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच के बाद ACB ने मामले को फिर से जांच शुरू की थी और प्रकरण दर्ज किया।

दस्तावेजों के आधार पर ACB से शिकायत करते हुए आरोप लगाया गया है कि पटेल के नाम पर नर्मदा नगर में करीब 7 हजार स्क्वॉयर फीट जमीन में तीन मंजिला मकान है। इसकी कीमत करीब 1 करोड़ 40 लाख रुपए बताई गई है। इसके साथ ही सकरी, उसलापुर, ग्राम भैंसबोड़, लावर मस्तूरी, बेलमुंडी तखतपुर में अचल संपत्ति है। इसके साथ SBI, ICICI के साथ-साथ जिला सहकारी बैंक के बिलासपुर और डभरा ब्रांच में खाते हैं, यहां भी रकम जमा है।

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