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प्रोफेसर भर्ती नियमों में बदलाव, सीधी भर्ती का हिस्सा अब 25 प्रतिशत

प्रोफेसर भर्ती नियमों में बदलाव, सीधी भर्ती का हिस्सा अब 25 प्रतिशत

प्रोफेसर पदों पर भर्ती को लेकर नियमों में बदलाव किया गया है। वर्ष 2021 में हुई भर्ती व्यवस्था के तहत प्रोफेसर के सभी पदों को सीधी भर्ती के माध्यम से भरने का प्रावधान था। अब भर्ती नियमों में संशोधन के बाद सीधी भर्ती का हिस्सा घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है।नई व्यवस्था के तहत प्रोफेसर के पदों पर नियुक्ति में सीधी भर्ती और अन्य निर्धारित प्रक्रिया के बीच नया अनुपात लागू होगा। इसका मतलब है कि अब कुल स्वीकृत प्रोफेसर पदों में से केवल 25 प्रतिशत पद ही सीधी भर्ती के जरिए भरे जाएंगे।

2021 में सभी पद सीधी भर्ती से भरने का था प्रावधान

वर्ष 2021 की भर्ती प्रक्रिया में प्रोफेसर के सभी पदों को सीधी भर्ती से भरने की व्यवस्था निर्धारित की गई थी। उस समय पात्र अभ्यर्थियों से आवेदन लेकर निर्धारित चयन प्रक्रिया के माध्यम से नियुक्तियां किए जाने का प्रावधान था।अब नियमों में बदलाव के बाद इस व्यवस्था में परिवर्तन किया गया है। संशोधित नियमों के तहत सीधी भर्ती का हिस्सा 25 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। इससे प्रोफेसर पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया में बदलाव आएगा।

भर्ती प्रक्रिया में बदलाव का असर

सीधी भर्ती का प्रतिशत कम होने से प्रोफेसर पदों पर नियुक्ति के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया में बदलाव होगा। संशोधित नियमों के तहत पदों का एक बड़ा हिस्सा अन्य निर्धारित माध्यम से भरा जाएगा। हालांकि यह व्यवस्था किस विभाग या संस्थान में किस तरह लागू होगी, यह संबंधित भर्ती नियमों और पदों की स्वीकृत संख्या पर निर्भर करेगा।नए नियम लागू होने के बाद प्रोफेसर पदों पर नियुक्ति के लिए अभ्यर्थियों और विभागीय स्तर पर भी संशोधित व्यवस्था के अनुसार प्रक्रिया अपनाई जाएगी। भर्ती से जुड़े उम्मीदवारों के लिए नए नियमों को समझना महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि सीधी भर्ती के तहत उपलब्ध पदों की संख्या अब पहले की तुलना में कम होगी। भर्ती नियमों में किया गया यह बदलाव प्रोफेसर पदों की नियुक्ति व्यवस्था में महत्वपूर्ण परिवर्तन है। अब आगे होने वाली भर्तियों में संशोधित नियमों के अनुसार ही सीधी भर्ती के पद निर्धारित किए जाएंगे।

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