रायपुर में IPL टिकटों की कालाबाजारी का खुलासा, 8 हजार के टिकट 49 हजार तक पहुंचे; सोशल मीडिया पर चल रहा अवैध बाजार
छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के मुकाबलों को लेकर टिकटों की कालाबाजारी का बड़ा मामला सामने आया है। क्रिकेट प्रेमियों के बीच भारी उत्साह के बीच कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा टिकटों की अवैध खरीद-फरोख्त किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। आरोप है कि ₹8,000 की मूल कीमत वाले टिकटों को 40,000 से लेकर 49,000 रुपये तक में बेचा जा रहा है।
यह पूरा मामला उस समय चर्चा में आया जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर “ब्लैक मार्केट” के कई स्क्रीनशॉट और चैट वायरल होने लगे। इन चैट्स में दावा किया जा रहा है कि टिकट सीमित संख्या में खरीदकर ऊंचे दामों पर बेचे जा रहे हैं, जिससे आम दर्शकों के लिए स्टेडियम में मैच देखना मुश्किल हो गया है।
IPL, यानी Indian Premier League, भारत का सबसे लोकप्रिय क्रिकेट टूर्नामेंट माना जाता है, और हर सीजन में इसके मैचों को देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ती है। इसी लोकप्रियता का फायदा उठाकर कुछ लोग टिकटों की अवैध बिक्री में सक्रिय हो जाते हैं।
फैंस की बढ़ी परेशानी
रायपुर में आगामी मैचों को लेकर टिकट बुकिंग शुरू होते ही वेबसाइट और काउंटर पर भारी भीड़ देखने को मिली थी। कई मिनटों में ही टिकट ‘सोल्ड आउट’ हो गए, जिसके बाद सोशल मीडिया पर ब्लैक मार्केटिंग की खबरें तेजी से फैलने लगीं। क्रिकेट प्रशंसकों का कहना है कि असली फैंस को टिकट नहीं मिल रहे, जबकि महंगे दामों पर आसानी से टिकट उपलब्ध हो रहे हैं।
सोशल मीडिया बना अवैध बिक्री का जरिया
सूत्रों के अनुसार, इंस्टाग्राम पेज और व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए टिकटों की अवैध बिक्री की जा रही है। इन प्लेटफॉर्म्स पर “VIP टिकट उपलब्ध”, “फाइनल स्टॉक” जैसे मैसेज भेजकर ग्राहकों को आकर्षित किया जा रहा है। भुगतान ऑनलाइन माध्यमों के जरिए लिया जा रहा है, जिससे ट्रैक करना और भी मुश्किल हो रहा है।
प्रशासन पर उठे सवाल
इस मामले के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और आयोजन से जुड़े अधिकारियों पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी इवेंट में टिकटों की काली बाजारी पर रोक लगाने के लिए सख्त निगरानी होनी चाहिए थी।
हालांकि, अभी तक किसी आधिकारिक एजेंसी द्वारा इस मामले में विस्तृत कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि शिकायतों के आधार पर जांच शुरू की जा सकती है।
फैंस की मांग
क्रिकेट प्रेमियों ने मांग की है कि टिकट बिक्री प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि वास्तविक दर्शकों को ही टिकट मिल सके। साथ ही ऑनलाइन टिकटिंग सिस्टम को और मजबूत करने की भी जरूरत बताई जा रही है।

