महासमुंद में बड़ा घोटाला: थाने में जब्त LPG ट्रकों से करीब डेढ़ करोड़ रुपये का गैस बाजार में बेचा गया, फूड अधिकारी की भूमिका संदिग्ध
Mahasamund जिले से एक बड़े आर्थिक घोटाले का मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मचा दिया है। जानकारी के अनुसार थाने में जब्त खड़े LPG ट्रकों से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की LPG अवैध रूप से बाजार में बेच दी गई। इस पूरे मामले में खाद्य विभाग के एक अधिकारी की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है, जिसके बाद जांच तेज कर दी गई है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने कुछ LPG ट्रकों को किसी मामले में जब्त कर थाने में खड़ा किया था। इन वाहनों को सुरक्षित निगरानी में रखा गया था, लेकिन आरोप है कि इसी दौरान गैस की बड़ी मात्रा को अवैध रूप से निकाला गया और उसे बाजार में खपा दिया गया। इस पूरे खेल से प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, यह पूरा मामला लंबे समय तक बिना किसी स्पष्ट जांच के चलता रहा। धीरे-धीरे जब रिकॉर्ड और स्टॉक की जांच की गई, तब जाकर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का खुलासा हुआ। अनुमान लगाया जा रहा है कि करीब डेढ़ करोड़ रुपये मूल्य की LPG इस अवैध तरीके से बाजार में बेची गई।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस कथित घोटाले में खाद्य विभाग के एक अधिकारी की संलिप्तता भी सामने आ रही है। आरोप है कि अधिकारी की जानकारी या मिलीभगत के बिना इतनी बड़ी मात्रा में गैस का गायब होना संभव नहीं था। हालांकि अभी तक किसी अधिकारी पर आधिकारिक रूप से आरोप साबित नहीं हुआ है, लेकिन जांच एजेंसियां इस पहलू को गंभीरता से खंगाल रही हैं।
मामले के सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त जांच शुरू कर दी है। संबंधित थाने के रिकॉर्ड, जब्त वाहनों की स्थिति और गैस सप्लाई से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि अवैध रूप से निकाली गई LPG को किन-किन माध्यमों से बाजार में बेचा गया।
जिले के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में दोष साबित होता है तो इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह पुलिस विभाग का हो या प्रशासन का। पूरे मामले की पारदर्शी जांच के लिए विशेष टीम गठित करने की भी तैयारी चल रही है।
इस घटना ने न केवल पुलिस थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि सरकारी जब्त संपत्ति की निगरानी प्रणाली की कमजोरियों को भी उजागर किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में गैस का गायब होना बिना अंदरूनी मिलीभगत के संभव नहीं हो सकता।
फिलहाल जांच जारी है और अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की गहराई से जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी। यह मामला आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासों की ओर इशारा कर रहा है।

