दोपहर में शेयर खरीदने को कहते, अगली सुबह बिकवा देते; रायपुर में कारोबारी से 96 लाख की ठगी
रायपुर में शेयर बाजार में निवेश के नाम पर कारोबारी से लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने कथित तौर पर कारोबारी को शेयर बाजार में मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया। इसके बाद उसे एक निवेश समूह से जोड़ा गया और अलग-अलग शेयर खरीदने के लिए कहा गया। दोपहर में शेयर खरीदने की सलाह दी जाती और अगले दिन सुबह उन्हें बेचने के निर्देश दिए जाते थे। इस तरह कारोबारी से करीब 96 लाख रुपये की ठगी किए जाने का आरोप है।
बताया जा रहा है कि ठगों ने कारोबारी को शेयर बाजार में निवेश के जरिए कम समय में अच्छा रिटर्न दिलाने का भरोसा दिलाया। शुरुआत में उसे छोटे स्तर पर निवेश और मुनाफे का भरोसा दिया गया। इसके बाद जब कारोबारी को कथित तौर पर निवेश में फायदा दिखाई दिया तो उसका विश्वास बढ़ गया।
इसके बाद ठगों ने निवेश की रकम बढ़ाने के लिए उसे लगातार अलग-अलग शेयरों में पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया। कारोबारी को दोपहर के समय कुछ शेयर खरीदने के निर्देश दिए जाते थे। इसके बाद अगले दिन सुबह वही शेयर बेचने के लिए कहा जाता था। ठग कथित तौर पर इस पूरी प्रक्रिया को अपने नियंत्रण में रखते थे और कारोबारी को बताते थे कि कब खरीदना है और कब शेयर बेचना है।
मुनाफे का लालच बढ़ने के साथ कारोबारी ने निवेश की रकम भी बढ़ा दी। अलग-अलग चरणों में उससे बड़ी रकम निवेश कराई गई। आरोप है कि इस तरह कुल करीब 96 लाख रुपये उसके खाते से ठगों के बताए माध्यमों के जरिए ट्रांसफर करा लिए गए।
कुछ समय बाद कारोबारी को पूरे मामले में संदेह हुआ। जब उसने अपने निवेश और रकम को लेकर जानकारी मांगी तो उसे कथित तौर पर अलग-अलग बहाने बताए गए। उसे अपने पैसे वापस निकालने में परेशानी होने लगी। इसके बाद उसे एहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुका है।
मामले की शिकायत पुलिस से की गई है। पुलिस ने घटना से जुड़े बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल लेनदेन की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि रकम किन खातों में पहुंची और ठगी के पीछे कौन लोग शामिल हैं।
साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक शेयर बाजार में निवेश के नाम पर होने वाली ऐसी ठगी के मामलों में अपराधी पहले भरोसा कायम करते हैं। इसके बाद पीड़ित को किसी कथित निवेश समूह या ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से जोड़कर लगातार पैसे लगाने के लिए कहा जाता है। स्क्रीन पर दिख रहा मुनाफा कई बार केवल दिखावा होता है, जबकि असल में रकम ठगों के पास जा रही होती है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि शेयर बाजार में निवेश करने से पहले कंपनी, ब्रोकर और निवेश प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता की जांच करें। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर बड़ी रकम ट्रांसफर न करें और शेयर खरीदने-बेचने के लिए सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप पर मिलने वाली संदिग्ध सलाह से सावधान रहें।
रायपुर की इस घटना ने एक बार फिर ऑनलाइन शेयर बाजार निवेश के नाम पर चल रहे साइबर ठगी के नेटवर्क को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस मामले में कितने लोग शामिल हैं और ठगी की रकम को कहां-कहां ट्रांसफर किया गया।

