शिरोमणि अकाली दल (SAD) के प्रधान सुखबीर सिंह बादल शुक्रवार सुबह दिल्ली पहुंचे और संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच हुई इस मुलाकात के बाद पंजाब की राजनीति में एक बार फिर अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच गठबंधन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सुखबीर बादल और प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात को राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है। हालांकि, दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
गठबंधन को लेकर बढ़ी राजनीतिक हलचल
सुखबीर बादल की पीएम मोदी से मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में अकाली दल और भाजपा के बीच संभावित गठबंधन को लेकर अटकलें लगाई जाने लगी हैं। दोनों दल पहले लंबे समय तक गठबंधन में रहे थे और पंजाब में मिलकर चुनाव भी लड़ चुके हैं। हालांकि, कृषि कानूनों के मुद्दे पर वर्ष 2020 में शिरोमणि अकाली दल ने भाजपा से नाता तोड़ लिया था। इसके बाद दोनों पार्टियां अलग-अलग राजनीतिक रास्ते पर आगे बढ़ीं।
संसद भवन में हुई मुलाकात
जानकारी के मुताबिक, सुखबीर सिंह बादल शुक्रवार सुबह दिल्ली पहुंचे और संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने कई मुद्दों पर चर्चा की होने की संभावना जताई जा रही है। इस बैठक के बाद पंजाब की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। राजनीतिक विशेषज्ञ इसे आने वाले चुनावी समीकरणों से जोड़कर भी देख रहे हैं।
SAD और BJP का रहा है पुराना रिश्ता
शिरोमणि अकाली दल और भाजपा का गठबंधन कई दशकों तक चला। दोनों दलों ने पंजाब में कई चुनाव साथ मिलकर लड़े और केंद्र की राजनीति में भी एक साथ रहे। लेकिन वर्ष 2020 में कृषि कानूनों के विरोध के चलते अकाली दल ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) से अलग होने का फैसला लिया था। अब सुखबीर बादल और प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात के बाद दोनों दलों के बीच फिर से नजदीकियां बढ़ने की चर्चा शुरू हो गई है। फिलहाल गठबंधन को लेकर दोनों पार्टियों की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि यह मुलाकात केवल राजनीतिक चर्चा तक सीमित है या पंजाब की राजनीति में कोई नया गठबंधन आकार ले रहा है।

