राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी (AAP) और पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मंगलवार को उन्होंने कहा कि राज्य की ‘आप’ सरकार प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है और विरोध करने वाले नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए जानकारी दी कि उन्होंने तीन अन्य सांसदों के साथ भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें पंजाब सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए।
चड्ढा का आरोप है कि जब उन्होंने और अन्य सांसदों ने अपने संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल किया, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। उन्होंने खासतौर पर यह भी उल्लेख किया कि दो-तिहाई सांसदों द्वारा बीजेपी में शामिल होने के फैसले के बाद उन पर दबाव बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ है। चड्ढा ने केंद्र से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग भी की, ताकि जनप्रतिनिधियों के अधिकारों की रक्षा की जा सके।
वहीं, इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी या पंजाब सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है।
इस घटनाक्रम के बाद पंजाब की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और सत्तापक्ष व विपक्ष के बीच टकराव बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।

