500 करोड़ छात्रवृत्ति घोटाले में हाईकोर्ट सख्त, पंजाब सरकार की कार्यप्रणाली पर जताई कड़ी नाराजगी
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कथित 500 करोड़ रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले को लेकर पंजाब सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट की टिप्पणी के बाद इस मामले ने एक बार फिर सुर्खियां बटोर ली हैं और जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, यह मामला छात्रवृत्ति फंड के कथित दुरुपयोग और वितरण में अनियमितताओं से जुड़ा है, जिसमें भारी वित्तीय गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं। अदालत ने सुनवाई के दौरान इस बात पर असंतोष जताया कि जांच और प्रशासनिक कार्रवाई की गति अपेक्षित स्तर पर नहीं है।
हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा है कि इतने बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं के बावजूद अब तक प्रभावी और निर्णायक कदम क्यों नहीं उठाए गए। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच प्रक्रिया में तेजी लाने के संकेत दिए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, छात्रवृत्ति योजना के तहत गरीब और योग्य छात्रों के लिए आवंटित धन के गलत इस्तेमाल की आशंका जताई जा रही है। इस कथित घोटाले में कई स्तरों पर लापरवाही और प्रशासनिक खामियों की बात सामने आ रही है।
सरकार की ओर से कोर्ट को आश्वस्त किया गया है कि मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अदालत इस जवाब से पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आई और आगे की निगरानी जारी रखने के संकेत दिए।
पंजाब में इस मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। विपक्ष ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए पारदर्शिता की मांग की है, जबकि प्रशासन का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ रही है।
फिलहाल, अदालत की सख्ती के बाद इस मामले में तेजी आने की उम्मीद है और आने वाले दिनों में कई अहम खुलासे हो सकते हैं।

