Samachar Nama
×

प्रकाश सिंह बादल के चचेरे भाई ने BJP का दामन थामा, बेटे के साथ चंडीगढ़ में जॉइन की पार्टी; अकाली दल को झटका

प्रकाश सिंह बादल के चचेरे भाई ने BJP का दामन थामा, बेटे के साथ चंडीगढ़ में जॉइन की पार्टी; अकाली दल को झटका

पंजाब की राजनीति में शिरोमणि अकाली दल को बड़ा झटका लगा है। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के चचेरे भाई और रिटायर्ड मेजर भूपिंदर सिंह बादल ने अपने बेटे के साथ भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। दोनों ने चंडीगढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। उनके भाजपा में शामिल होने को अकाली दल के लिए राजनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

रिटायर्ड मेजर भूपिंदर सिंह बादल की उम्र 78 वर्ष है। वह लंबे समय तक प्रकाश सिंह बादल के करीबी रहे हैं। प्रकाश सिंह बादल के मुख्यमंत्री रहते हुए भूपिंदर सिंह उनके पॉलिटिकल सेक्रेटरी के तौर पर भी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। ऐसे में उनका भाजपा में शामिल होना अकाली दल के लिए खासा अहम माना जा रहा है।

भूपिंदर सिंह बादल का राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव काफी लंबा रहा है। प्रकाश सिंह बादल के साथ लंबे समय तक काम करने के कारण वह बादल परिवार और अकाली दल के राजनीतिक घटनाक्रम से अच्छी तरह परिचित रहे हैं। यही वजह है कि उनके भाजपा में शामिल होने को केवल एक सामान्य राजनीतिक दल-बदल के तौर पर नहीं देखा जा रहा है।

चंडीगढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भूपिंदर सिंह बादल और उनके बेटे ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर पार्टी नेताओं ने उनका स्वागत किया और इसे पंजाब में भाजपा के विस्तार के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम बताया। भाजपा लगातार पंजाब में अपने संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रही है और ऐसे में बादल परिवार से जुड़े एक वरिष्ठ व्यक्ति का पार्टी में शामिल होना उसके लिए अहम माना जा रहा है।

शिरोमणि अकाली दल और बादल परिवार का पंजाब की राजनीति में लंबे समय से प्रभाव रहा है। प्रकाश सिंह बादल राज्य के सबसे प्रमुख राजनीतिक नेताओं में शामिल रहे और कई बार पंजाब के मुख्यमंत्री रहे। ऐसे में उनके परिवार से जुड़े किसी वरिष्ठ व्यक्ति का भाजपा में जाना अकाली दल के लिए राजनीतिक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है।

भूपिंदर सिंह बादल के बेटे के भाजपा में शामिल होने से भी इस घटनाक्रम का महत्व बढ़ गया है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में पंजाब की राजनीति में इसका असर देखने को मिल सकता है।

भाजपा पिछले कुछ समय से पंजाब में अपना आधार मजबूत करने पर जोर दे रही है। पार्टी की कोशिश है कि अलग-अलग सामाजिक और राजनीतिक वर्गों से जुड़े प्रभावशाली लोगों को संगठन से जोड़ा जाए। भूपिंदर सिंह बादल जैसे अनुभवी व्यक्ति का पार्टी में आना इसी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है।

फिलहाल भूपिंदर सिंह बादल और उनके बेटे के भाजपा में शामिल होने के बाद पंजाब की सियासत में चर्चाएं तेज हो गई हैं। अकाली दल के लिए यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भूपिंदर सिंह लंबे समय तक प्रकाश सिंह बादल के करीबी सहयोगी और राजनीतिक सचिव रहे हैं। अब देखना होगा कि भाजपा में उनकी भूमिका क्या रहती है और इसका पंजाब की आगामी राजनीति पर कितना असर पड़ता है।

Share this story

Tags