जयपुर में पासपोर्ट ऑफिस को बम से उड़ाने की धमकी, ई-मेल मिलने के बाद मचा हड़कंप, वीडियो में देंखे सर्च ऑपरेशन में कुछ नहीं मिला
राजस्थान की राजधानी जयपुर में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया जब शहर के दो प्रमुख पासपोर्ट कार्यालयों को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिला। यह धमकी जयपुर के ऑर्बिट मॉल स्थित पासपोर्ट सेवा केंद्र और झालाना स्थित रीजनल पासपोर्ट ऑफिस को भेजी गई थी। ई-मेल में दावा किया गया था कि दोनों जगहों पर गैस बम से विस्फोट किया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक धमकी भरा ई-मेल मंगलवार सुबह करीब 10 बजे प्राप्त हुआ। ई-मेल भेजने वाले ने खुद को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़ा बताया और लिखा कि दोपहर 1 बजकर 10 मिनट पर दोनों स्थानों पर धमाका किया जाएगा। यह सूचना मिलते ही प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया।
मामले की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस, आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) और बम निरोधक दस्ते की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियात के तौर पर दोनों कार्यालयों में मौजूद कर्मचारियों और आम लोगों को बाहर निकालकर पूरे परिसर को खाली करा दिया।
इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने कार्यालय परिसर और आसपास के इलाके में सघन तलाशी अभियान शुरू किया। बम डिफ्यूज टीम ने पूरे क्षेत्र को बारीकी से जांचा और हर संदिग्ध स्थान की तलाशी ली। करीब एक घंटे तक चली जांच के बाद किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली।
अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह धमकी फर्जी प्रतीत हो रही है, लेकिन मामले को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू से जांच कर रही हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि धमकी भरा ई-मेल कहां से भेजा गया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
इस घटना के बाद पासपोर्ट कार्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ा दी है और साइबर विशेषज्ञों की मदद से ई-मेल की तकनीकी जांच की जा रही है।
पासपोर्ट सेवा केंद्र और रीजनल पासपोर्ट ऑफिस में रोज बड़ी संख्या में लोग पासपोर्ट से जुड़े कामों के लिए आते हैं। ऐसे में धमकी मिलने के बाद सुरक्षा को लेकर अधिकारियों ने तुरंत सतर्कता बरती और संभावित खतरे को देखते हुए कार्यालय को कुछ समय के लिए खाली करवा दिया।
हालांकि तलाशी अभियान के दौरान कोई विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री नहीं मिलने से अधिकारियों और लोगों ने राहत की सांस ली। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह संभवतः शरारती तत्वों द्वारा फैलाया गया फर्जी अलर्ट हो सकता है, लेकिन जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और ई-मेल भेजने वाले व्यक्ति की पहचान करने के प्रयास जारी हैं। अधिकारियों का कहना है कि अगर इस मामले में किसी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

