सीतामढ़ी में बच्चा चोरी की अफवाह पर महिला को भीड़ ने बनाया निशाना, पुलिस ने बचाई जान
अफवाहों के दौर में एक बार फिर भीड़तंत्र का खौफनाक चेहरा सामने आया है। बिहार के सीतामढ़ी जिले के सोनबरसा थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले में बच्चा चोरी की आशंका में लोगों ने एक महिला को पकड़ लिया और उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, किसी ने महिला पर बच्चा चोरी का संदेह जताया, जिसके बाद देखते ही देखते आसपास के लोग जुटने लगे। बिना सच्चाई जाने भीड़ ने महिला को घेर लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि भीड़ ने महिला को एक बिजली के पोल से बांध दिया और उसकी पिटाई की। घटना के दौरान वहां अफरातफरी और तनाव का माहौल बना रहा।
हालात बिगड़ते देख कुछ स्थानीय लोगों ने समझदारी दिखाते हुए इसकी सूचना सोनबरसा थाना को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और भीड़ के बीच फंसी महिला को सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस ने महिला को तत्काल संरक्षण में लेकर उसकी चिकित्सीय जांच कराई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में बच्चा चोरी की पुष्टि नहीं हुई है। मामले की गहन जांच की जा रही है और अफवाह फैलाने वालों की पहचान की जा रही है। साथ ही, भीड़ द्वारा कानून हाथ में लेने की घटना को गंभीरता से लेते हुए संबंधित लोगों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर समाज में फैल रही अफवाहों और भीड़ हिंसा की प्रवृत्ति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया और मौखिक अफवाहों के कारण कई बार निर्दोष लोग भी भीड़ के गुस्से का शिकार बन जाते हैं। ऐसे मामलों में जागरूकता और त्वरित पुलिस हस्तक्षेप बेहद जरूरी है।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध जानकारी मिलने पर खुद कार्रवाई करने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचित करें। कानून को अपने हाथ में लेना दंडनीय अपराध है और इससे निर्दोष लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है।
सीतामढ़ी की इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अफवाहों के आधार पर की गई कार्रवाई कितनी खतरनाक साबित हो सकती है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मामले में दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

