बंदरों के डर से छत से गिरी महिला की मौत, 14 अगस्त को थी दो बेटियों की सगाई; शादी की खुशियां मातम में बदलीं
राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। बंदरों के डर से छत से गिरने के कारण 42 वर्षीय महिला की मौत हो गई। जिस घर में बेटियों की सगाई और शादी की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है। मां की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
मृतका की पहचान सुशीला मल्होत्रा (42) के रूप में हुई है, जो परकोटा क्षेत्र के हीदा की मोरी स्थित मंडी खटीकान मोहल्ले की निवासी थीं। बताया जा रहा है कि घर की छत पर अचानक बंदरों के आने से वह घबरा गईं। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से वह छत से नीचे गिर गईं और गंभीर रूप से घायल हो गईं।
परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। महिला की मौत की खबर मिलते ही पूरे परिवार में कोहराम मच गया।
सबसे दुखद बात यह है कि सुशीला मल्होत्रा की दो बेटियों, डिंपल मल्होत्रा और पूजा मल्होत्रा की 14 अगस्त को सगाई होनी थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं और परिवार खुशी के माहौल में था। लेकिन इस हादसे ने सारी खुशियों को मातम में बदल दिया। जिस घर से कुछ दिनों बाद शहनाई की गूंज सुनाई देनी थी, वहां अब मां की अर्थी उठी।
मोहल्ले के लोगों ने बताया कि परिवार बेटियों की सगाई की तैयारियों में जुटा हुआ था। अचानक हुए इस हादसे ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया। रिश्तेदार और आसपास के लोग परिजनों को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई पूरी की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि हादसा बंदरों से बचने के प्रयास के दौरान हुआ।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से शहर में बढ़ते बंदरों के आतंक पर नियंत्रण की मांग की है। उनका कहना है कि परकोटा सहित कई इलाकों में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है, जिससे पहले भी कई लोग घायल हो चुके हैं।
फिलहाल परिवार गहरे सदमे में है। बेटियों की सगाई की तैयारियों के बीच मां की मौत ने पूरे परिवार की जिंदगी बदल दी है। यह दर्दनाक हादसा इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।

