Samachar Nama
×

बादलों को देखकर चिंता में गेहूं उत्पादक किसान

बादलों को देखकर चिंता में गेहूं उत्पादक किसान

असम और बंगाल की खाड़ी में कम दबाव के कारण शिवहर जिले में नम हवाएं चल रही हैं। इसके कारण मौसम बदल गया और भारी बारिश शुरू हो गई। गुरुवार सुबह खराब मौसम जिले के किसानों के लिए नई मुश्किलें लेकर आया है। बारिश से पकी हुई गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। एक तरफ किसान खेतों में गेहूं की कटाई में व्यस्त थे तो दूसरी तरफ गेहूं की मड़ाई कर रहे थे, तभी अचानक मौसम बदल गया और तेज बारिश शुरू हो गई।

बारिश को देखते हुए किसान जल्दी-जल्दी अपनी फसलों को तिरपाल से ढककर बचाते नजर आए। खेतों में कटी हुई गेहूं की फसल के अलावा खलिहान में रखे गेहूं के बोझ भी बारिश के पानी से खराब हो गए। पिछले दो दिनों से हो रही हल्की बारिश के कारण फसलें खराब हो गई हैं। इस बार किसानों की नजर गेहूं की फसल पर टिकी थी। वह भी मौसम का शिकार होता दिख रहा है। सैकड़ों क्विंटल गेहूं की फसल नष्ट हो गई।

भारी बारिश और तेज़ हवाओं ने सामान्य जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया है। गेहूं और मक्के को भारी नुकसान हुआ है। बारिश, बर्फबारी और हवा ने खेतों में खड़ी गेहूं और मक्के की फसलों को नष्ट कर दिया, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ। कुछ स्थानों पर चारागाह और पेड़ नष्ट हो गए हैं। बारिश से तापमान में गिरावट आई है और गर्मी से राहत मिली है।

आपको बता दें कि हाल ही में डीएम विवेक रंजन मैत्रेय द्वारा गेहूं की फसल का कटनी के माध्यम से मूल्यांकन किया गया था। कोठिया के बृजमोहन साह, अटकौनी के फेकन चौधरी, पुरैनिया के मनीष सिंह, छतौना के राजेश कुमार, देकुली के ललन भारती समेत अन्य किसानों ने बताया कि गेहूं की फसल बर्बाद हो गई है। वहीं, ग्रामीण इलाकों में सड़कें बारिश के कारण कीचड़ में तब्दील हो गई हैं। विभिन्न सड़कों पर जलभराव की समस्या बनी हुई है।

Share this story

Tags