देशभर में मौसम ने अचानक करवट बदल ली है। सर्दी, बारिश, बर्फबारी और तेज हवाओं का दौर एक साथ देखने को मिल रहा है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लेकर पहाड़ी राज्यों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ है।
दिल्ली में इस बार जनवरी महीने में बीते चार वर्षों की तुलना में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई है। मंगलवार को राजधानी में गरज के साथ भारी बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, जनवरी में अब तक दिल्ली में कुल 24 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है।
मौसम विभाग ने बताया कि 28 जनवरी को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। सुबह के समय हल्का कोहरा छा सकता है, जबकि दोपहर में धूप निकलने की संभावना बनी हुई है।
देश के अन्य हिस्सों में भी मौसम ने करवट ली है। पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और तेज हवाओं के साथ ठंड बढ़ गई है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में सुरक्षा और सतर्कता बरतने की चेतावनी जारी की है। उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में सर्दी के साथ बारिश और ओलावृष्टि के भी आसार हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार मौसम का मिजाज असामान्य और तेज बदलाव वाला है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि सर्दी और तेज हवाओं के दौरान विशेष सावधानी बरतें। ग्रामीण इलाकों में किसानों को सलाह दी गई है कि फसलों और पशुओं की सुरक्षा के उपाय पहले से कर लें।
दिल्ली में बारिश और हल्की बर्फबारी ने यातायात और जनजीवन पर भी असर डाला है। कई जगहों पर जलभराव के कारण सड़कें बाधित हुईं। मौसम विभाग ने कहा है कि आगामी दिनों में भी बारिश और ओलावृष्टि के छोटे-छोटे दौर जारी रह सकते हैं।
राजधानीवासियों के लिए यह जानकारी महत्वपूर्ण है कि मौसम में बदलाव के चलते सर्दी से बचाव और स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है। विशेषज्ञों ने कहा कि हल्के गर्म कपड़े, पर्याप्त पोषण और पानी का सेवन बनाए रखना चाहिए।
कुल मिलाकर, देशभर में मौसम का यह बदलाव सर्दी, बारिश, बर्फबारी और तेज हवाओं के मिश्रित प्रभाव के रूप में देखा जा रहा है। दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में जनवरी महीने में अब तक चार वर्षों की सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई है, जबकि पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और ठंड जारी है। मौसम विभाग ने नागरिकों और प्रशासन को सतर्क रहने और सुरक्षा उपाय अपनाने की चेतावनी दी है।

