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वीडियो में देखें! पूर्वी चंपारण पहुंचे दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग, 17 जनवरी को होगा पांच नदियों के जल से अभिषेक

वीडियो में देखें! पूर्वी चंपारण पहुंचे दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग, 17 जनवरी को होगा पांच नदियों के जल से अभिषेक

दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग का भव्य स्वागत सोमवार को बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के जानकीपुर में किया गया। यह शिवलिंग विराट रामायण मंदिर में स्थापना के लिए लाया गया है और 17 जनवरी को हरिद्वार, प्रयागराज, गंगोत्री, कैलाश मानसरोवर, सोनपुर समेत पांच नदियों के जल से इसका अभिषेक किया जाएगा।

पूर्वी चंपारण की धरती पर शिवलिंग पहुंचते ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर प्रशासन और स्थानीय लोगों के अनुसार, स्थापना से 12 दिन पहले ही श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के भव्य स्वागत में हिस्सा लिया। बड़ी संख्या में भक्त सड़क किनारे घंटों पहले से खड़े होकर स्वागत का इंतजार करते दिखे।

शिवलिंग को मंदिर स्थल तक पहुंचाने में सबसे बड़ी चुनौती डुमरियाघाट थाना क्षेत्र के रामपुर-खजुरिया ओवरब्रिज को पार करना रही। भारी वजन और आकार के कारण इसे पार करने में लगभग पांच घंटे का समय लगा। जैसे ही शिवलिंग डुमरिया घाट पुल पार किया गया, चारों ओर “हर-हर महादेव” के नारे गूंजने लगे।

इस भव्य स्वागत के लिए रास्ते को फूल-मालाओं और रोशनी से सजाया गया था। श्रद्धालुओं ने ढोल-नगाड़ों और शंखनाद के साथ भगवान शिव का अभिनंदन किया। आयोजन में स्थानीय प्रशासन और मंदिर समिति ने विशेष सुरक्षा और व्यवस्थाओं का ध्यान रखा, ताकि इस ऐतिहासिक क्षण का आनंद हर भक्त ले सके।

जानकारी के अनुसार, यह शिवलिंग भारतीय संस्कृति और धार्मिक समर्पण का अद्वितीय प्रतीक माना जा रहा है। मंदिर परिसर में भक्तों के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं और अभिषेक के दिन श्रद्धालुओं के लिए आयोजन और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

पूर्वी चंपारण के रामपुर और खजुरिया इलाके में शिवलिंग का स्वागत इस क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और श्रद्धा का प्रतीक बन गया है। स्थानीय लोगों ने इसे ऐतिहासिक घटना बताया और कहा कि शिवलिंग का आगमन इलाके में आध्यात्मिक वातावरण को और मजबूत करेगा।

भव्यता और श्रद्धा के बीच, शिवलिंग के आगमन ने पूरे इलाके में धार्मिक उमंग और भक्तिभाव को बढ़ा दिया है। 17 जनवरी को होने वाले अभिषेक को लेकर भक्तों में खासा उत्साह है, और मंदिर परिसर में विशेष पूजा और अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे।

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