शहर के टीपीएस कॉलेज में हाल ही में आयोजित ‘वॉक फॉर लाइफ’ कार्यक्रम में स्वास्थ्य और जीवनशैली पर जोर दिया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मधुमेह और मोटापे से बचाव के उपायों के प्रति लोगों को जागरूक करना था।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. दिवाकर तेजस्वी ने शुगर और मोटापे के बढ़ते खतरे के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और सही जीवनशैली के माध्यम से इन बीमारियों को नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अब नई दवाएं जैसे सेमाग्लूटाइड शुगर और मोटापे को नियंत्रित करने में काफी प्रभावी साबित हो रही हैं।
डॉ. तेजस्वी ने उपस्थित लोगों को बताया कि सेमाग्लूटाइड न केवल ब्लड शुगर नियंत्रित करती है, बल्कि वजन कम करने में भी मददगार है। उन्होंने यह भी कहा कि जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव जैसे सुबह की सैर, नियमित व्यायाम और संतुलित भोजन से मधुमेह और मोटापे जैसी बीमारियों का जोखिम काफी हद तक कम किया जा सकता है।
टीपीएस कॉलेज के अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम युवाओं और आम लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने में मदद करते हैं। कार्यक्रम में छात्रों, शिक्षकों और स्थानीय निवासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। वॉक का आयोजन सुबह के समय किया गया और इसमें प्रतिभागियों ने 2–3 किलोमीटर की दूरी तय की।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में मधुमेह और मोटापे की समस्या लगातार बढ़ रही है। इसके पीछे असंतुलित आहार, शारीरिक गतिविधि की कमी और आधुनिक जीवनशैली जिम्मेदार हैं। इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम लोगों को स्वस्थ आदतें अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम में डॉ. तेजस्वी ने यह भी बताया कि नियमित स्वास्थ्य जांच और नवीनतम दवाओं का सही इस्तेमाल मधुमेह और मोटापे के रोगियों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। उन्होंने उपस्थित लोगों को चेताया कि केवल दवा पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है; सही खानपान और शारीरिक गतिविधि उतनी ही जरूरी हैं।
कार्यक्रम में छात्रों ने भी सक्रिय भागीदारी दिखाई। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम से उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता मिली और उन्हें अपने जीवनशैली में सुधार करने की प्रेरणा मिली।
इस प्रकार, टीपीएस कॉलेज में आयोजित ‘वॉक फॉर लाइफ’ कार्यक्रम ने मधुमेह और मोटापे से बचाव के महत्व को उजागर किया। डॉ. दिवाकर तेजस्वी के सुझाव और सेमाग्लूटाइड जैसी नई दवाओं की जानकारी ने कार्यक्रम को और भी प्रभावशाली बना दिया।

