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PM आवास योजना की दूसरी किस्त का इंतजार, कैमूर में अधूरे पड़े गरीबों के मकान; लाभार्थी परेशान

PM आवास योजना की दूसरी किस्त का इंतजार, कैमूर में अधूरे पड़े गरीबों के मकान; लाभार्थी परेशान

कैमूर जिले के रामगढ़ नगर पंचायत क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को दूसरी किस्त नहीं मिलने से परेशानी बढ़ गई है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों ने सरकारी सहायता की उम्मीद में अपने मकान का निर्माण शुरू किया था, लेकिन दूसरी किस्त की राशि नहीं मिलने के कारण कई घरों का निर्माण बीच में ही अटक गया है। अधूरे मकानों के कारण लाभार्थियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

लाभार्थियों के मुताबिक, योजना के तहत मिलने वाली पहली किस्त की राशि प्राप्त होने के बाद उन्होंने अपने घरों का निर्माण शुरू कराया। निर्माण कार्य आगे बढ़ने के बाद उन्हें दूसरी किस्त मिलने की उम्मीद थी। लेकिन लंबे समय से दूसरी किस्त खाते में नहीं पहुंचने के कारण निर्माण कार्य रोकना पड़ा है। कई परिवारों के मकान अब भी अधूरे पड़े हैं।

गरीब परिवारों के लिए घर का निर्माण केवल एक सरकारी योजना का लाभ लेना नहीं, बल्कि सुरक्षित आवास का सपना पूरा करने का माध्यम है। ऐसे में किस्त रुक जाने से उन परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, जो अपने सीमित संसाधनों के कारण खुद से निर्माण पूरा करने की स्थिति में नहीं हैं। कुछ लाभार्थियों को अधूरे मकान में ही रहने या अस्थायी व्यवस्था का सहारा लेने की मजबूरी हो सकती है।

लाभार्थियों का कहना है कि मकान का निर्माण शुरू करने के बाद ईंट, बालू, सीमेंट और मजदूरी समेत कई खर्च हो चुके हैं। दूसरी किस्त नहीं मिलने के कारण निर्माण आगे बढ़ाना मुश्किल हो रहा है। कई परिवारों ने संबंधित अधिकारियों से राशि जारी करने की मांग की है, ताकि अधूरे पड़े मकानों का निर्माण पूरा किया जा सके।

प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने में आर्थिक सहायता देना है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को निर्माण की प्रगति के आधार पर अलग-अलग चरणों में सहायता राशि दी जाती है। यदि किसी चरण की राशि समय पर नहीं मिलती है तो निर्माण कार्य प्रभावित होना स्वाभाविक है।

रामगढ़ नगर पंचायत क्षेत्र के लाभार्थी अब प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप की उम्मीद कर रहे हैं। उनका कहना है कि पात्रता पूरी करने के बावजूद यदि किस्त मिलने में देरी होती है तो योजना का उद्देश्य प्रभावित होता है। लाभार्थियों ने मांग की है कि उनके आवेदन और निर्माण की स्थिति की जांच कर जल्द से जल्द लंबित दूसरी किस्त जारी की जाए।

फिलहाल दूसरी किस्त नहीं मिलने के कारण कई परिवारों के मकान अधूरे पड़े हैं। अब लाभार्थियों की नजर नगर पंचायत और संबंधित विभाग के अधिकारियों की ओर है। यदि लंबित भुगतान की प्रक्रिया जल्द पूरी होती है तो अधूरे मकानों का निर्माण दोबारा शुरू हो सकता है और गरीब परिवारों को अपने पक्के घर का सपना पूरा होने की उम्मीद जगेगी।

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