पटना में निगरानी विभाग की बड़ी कार्रवाई, असिस्टेंट रजिस्ट्रार रिश्वत लेते गिरफ्तार
बिहार की राजधानी पटना में निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मौलाना मजहरूल हक अरबी फारसी विश्वविद्यालय के असिस्टेंट रजिस्ट्रार सनाउल्लाह को ढाई लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद विश्वविद्यालय में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, आरोपी अधिकारी समस्तीपुर स्थित एक कॉलेज की केआरसी (कॉलिज रिकग्निशन सर्टिफिकेट) जारी करने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा था। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने जाल बिछाया और आरोपी को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।
निगरानी टीम ने पूर्व योजना के तहत शिकायतकर्ता को चिन्हित नोट दिए थे। जैसे ही सनाउल्लाह ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी गई है और उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि आरोपी ने पूछताछ के दौरान दावा किया है कि वह यह रिश्वत विश्वविद्यालय के कुलपति के निर्देश पर मांग रहा था। हालांकि, इस दावे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इससे पूरे विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
निगरानी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और यदि इस प्रकरण में अन्य किसी अधिकारी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर शिक्षा संस्थानों में भ्रष्टाचार के मुद्दे को उजागर कर दिया है। छात्रों और शिक्षाविदों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं शिक्षा व्यवस्था की साख को नुकसान पहुंचाती हैं और पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती हैं।
फिलहाल, निगरानी विभाग पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रहा है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर और भी खुलासे हो सकते हैं, जिससे इस मामले का दायरा और बढ़ने की संभावना है।

