शेखपुरा में UPSC 2026 का ‘मोये-मोये’ मामला: रंजीत कुमार की 440वीं रैंक ने पूरे गांव को हिला दिया
बिहार के शेखपुरा जिले से सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। मामला है रंजीत कुमार नामक व्यक्ति का, जिसने खुद को UPSC 2026 का शूरवीर घोषित करते हुए 440वीं रैंक पाने का दावा किया।
रंजीत कुमार के इस दावे के बाद पूरे गांव में उत्सव का माहौल बन गया। उनके समर्थकों और रिश्तेदारों ने लड्डू बांटे और रातों-रात रंजीत को ‘DM साहब’ घोषित कर दिया। सोशल मीडिया पर यह खबर इतनी तेजी से फैल गई कि लोग इसे ‘मोये-मोये’ वाला मामला कहने लगे।
जश्न का यह क्रम इतना प्रभावशाली था कि स्थानीय विधायक और पुलिस प्रशासन भी इस खेल का शिकार हो गए। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर रंजीत कुमार की तस्वीरें और उनके नकली DM बनने की तस्वीरें साझा करना शुरू कर दिया, जिससे पूरी घटना वायरल हो गई।
स्थानीय लोगों और पड़ोसियों का कहना है कि रंजीत कुमार ने अपने इस दावे के जरिए समाज और प्रशासन की जागरूकता पर मजाक किया। हालांकि, मामले की सत्यता का फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। UPSC या अन्य केंद्रीय परीक्षा बोर्ड की ओर से अभी तक रंजीत कुमार की रैंक की सत्यापित जानकारी नहीं आई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के सोशल मीडिया ट्रेंड ग्रामीण और शहरी इलाकों में तेजी से फैलते हैं और कभी-कभी प्रशासन और जनता को भी भ्रमित कर सकते हैं। इसलिए इस मामले को लेकर सावधानी और सत्यापन जरूरी है।
हालांकि, रंजीत कुमार के इस कारनामे ने सोशल मीडिया पर लोगों को हंसने और मजाक करने का अवसर तो दे दिया, लेकिन साथ ही यह सवाल भी उठता है कि अधिकारियों और जनता की जागरूकता कितनी है।
कुल मिलाकर, शेखपुरा का यह ‘UPSC 440 रैंक’ वाला मामला न केवल गांव में उत्सव और जश्न लेकर आया, बल्कि सोशल मीडिया पर इसे लेकर ‘मोये-मोये’ का माहौल बन गया। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि सोशल मीडिया और लोकाचार कैसे कभी-कभी वास्तविकता और मजाक को एक साथ मिला सकते हैं।

