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बेगूसराय में इंटरमीडिएट परीक्षा के पहले दिन देर से पहुंची छात्रा को प्रवेश न मिलने पर हंगामा

बेगूसराय में इंटरमीडिएट परीक्षा के पहले दिन देर से पहुंची छात्रा को प्रवेश न मिलने पर हंगामा

बेगूसराय जिले में बिहार बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा के पहले दिन एक छात्रा को समय पर परीक्षा केंद्र पहुँचने में देरी होने के कारण प्रवेश नहीं मिला। इससे नाराज होकर परीक्षा केंद्र पर एक भीड़ इकट्ठा हो गई, जिन्होंने परीक्षा केंद्र का गेट तोड़ने की कोशिश की। हालांकि, सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और छात्रा को बाहर कर भीड़ को नियंत्रित किया।

केंद्राधीक्षक ने बताया कि देरी पर किसी भी छात्र को प्रवेश न देने का नियम सख्ती से लागू किया गया है। उनका कहना था कि परीक्षा के अनुशासन और समयबद्ध संचालन के लिए यह कदम जरूरी है। सभी छात्रों को पहले से निर्देशित किया गया था कि परीक्षा केंद्र समय पर पहुँचें और प्रवेश के लिए निर्धारित समय सीमा का पालन करें।

घटना में शामिल छात्रा ने बताया कि उसे ई-रिक्शा की धीमी गति के कारण समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुँचने में देरी हुई। उन्होंने कहा कि अब उनका पूरा साल बर्बाद होने का डर है। छात्रा की चिंता इस बात को उजागर करती है कि सड़क और परिवहन में समस्याएँ किस तरह से छात्रों के शैक्षणिक अवसरों पर असर डाल सकती हैं।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना के दौरान उन्होंने सुरक्षा और नियंत्रण बनाए रखने के लिए तत्काल कार्रवाई की। भीड़ को हटाकर परीक्षा केंद्र में व्यवस्था बहाल की गई। अधिकारियों ने यह भी कहा कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पहले से पर्याप्त सुरक्षा कर्मियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई थी।

विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा में अनुशासन बनाए रखना आवश्यक है, लेकिन इसके साथ ही छात्रों की वास्तविक परिस्थितियों और आपात स्थितियों के लिए लचीले प्रावधान होने चाहिए। यदि कुछ मिनटों की देरी के लिए छात्र को प्रवेश नहीं मिल पाता है, तो यह उसकी पूरी शिक्षा यात्रा पर असर डाल सकता है।

बेगूसराय में इस घटना ने यह भी दिखाया कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और नियमों के बीच संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण है। शिक्षा विभाग ने कहा है कि सभी केंद्रों में सख्त अनुशासन और नकल रोकथाम के उपाय लागू हैं। साथ ही, प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि सभी छात्रों को सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण में परीक्षा देने का अवसर मिले।

स्थानीय अभिभावकों ने इस घटना पर चिंता जताई और कहा कि यदि छात्राओं के लिए आपातकालीन परिस्थितियों में प्रवेश की सुविधा होती, तो इस प्रकार की समस्याओं से बचा जा सकता था। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों के लिए मार्गदर्शन और लचीलापन सुनिश्चित किया जाए।

इस प्रकार, बेगूसराय में इंटरमीडिएट परीक्षा के पहले दिन की यह घटना छात्राओं के समयबद्ध प्रवेश और परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा के बीच संतुलन की चुनौती को उजागर करती है। प्रशासन ने सख्ती और सुरक्षा बनाए रखी, लेकिन छात्रा की चिंता यह दिखाती है कि परिवहन और अन्य वास्तविक समस्याओं के कारण छात्रों को कभी-कभी अपराधी या असुरक्षित महसूस करने की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।

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