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नवरुणा की अधूरी कहानी: मेहंदी लगाकर सोई, रात में हुई गायब; नाले में मिला कंकाल, 14 साल बाद भी हत्यारा अनसुलझा

नवरुणा की अधूरी कहानी: मेहंदी लगाकर सोई, रात में हुई गायब; नाले में मिला कंकाल, 14 साल बाद भी हत्यारा अनसुलझा

मुजफ्फरपुर की नवरुणा कांड की कहानी आज भी कई सवालों के साथ अधूरी है। 2012 में 12 वर्षीय नवरुणा अपने घर में मेहंदी लगाकर सोई थी, लेकिन अगली सुबह वह अपने कमरे से गायब मिली। परिवार ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। करीब छह महीने बाद घर के पास नाले की सफाई के दौरान मानव कंकाल मिला। जांच आगे बढ़ी तो आशंका जताई गई कि यह कंकाल नवरुणा का ही हो सकता है। इसके बावजूद इस सनसनीखेज मामले में यह स्पष्ट नहीं हो सका कि आखिर उसकी हत्या किसने की।

नवरुणा के गायब होने के बाद मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया था। पुलिस जांच के साथ-साथ बाद में सीआईडी और सीबीआई ने भी मामले की जांच की, लेकिन हत्यारे तक पहुंचने में सफलता नहीं मिली। वर्षों बीत जाने के बाद भी नवरुणा के परिवार को अपनी बेटी की मौत की पूरी सच्चाई का इंतजार है।

मेहंदी लगाकर सोई थी नवरुणा

बताया जाता है कि घटना वाली रात नवरुणा ने अपने हाथों में मेहंदी लगाई थी। वह घर में सोने गई थी। रात के दौरान ऐसा क्या हुआ कि वह घर से गायब हो गई, यह आज भी रहस्य बना हुआ है।

सुबह जब परिवार को नवरुणा अपने कमरे में नहीं मिली तो घर में हड़कंप मच गया। परिजनों ने आसपास और परिचितों के यहां तलाश शुरू की। धीरे-धीरे मामला पुलिस तक पहुंचा और नवरुणा की खोज शुरू हुई।

नाले में मिला कंकाल

नवरुणा के गायब होने के करीब छह महीने बाद उसके घर के पास स्थित नाले की सफाई के दौरान मानव कंकाल बरामद हुआ। कंकाल मिलने के बाद जांच एजेंसियों का ध्यान एक बार फिर नवरुणा मामले की ओर गया।

कंकाल की पहचान को लेकर जांच की गई। मामले में वैज्ञानिक और फोरेंसिक जांच का सहारा भी लिया गया। इसके बाद नवरुणा की मौत की आशंका और मजबूत हुई, लेकिन उसकी हत्या के पीछे कौन था, इसका जवाब जांच एजेंसियों को नहीं मिल सका।

मां-बाप पर भी उठे सवाल

नवरुणा के लापता होने के बाद उसके माता-पिता और परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ हुई। जांच के दौरान परिवार की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए। हालांकि वर्षों तक चली जांच के बावजूद ऐसा कोई निर्णायक सबूत सामने नहीं आया, जिससे हत्या के लिए किसी एक व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराया जा सके।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच का दायरा लगातार बढ़ता गया। स्थानीय पुलिस के बाद सीआईडी और फिर सीबीआई ने भी मामले की जांच की। कई लोगों से पूछताछ की गई और अलग-अलग पहलुओं को खंगाला गया।

CID-CBI भी नहीं खोज पाई हत्यारा

नवरुणा मामले की जांच पहले स्थानीय पुलिस और फिर सीआईडी के स्तर पर हुई। बाद में मामला सीबीआई तक पहुंचा। केंद्रीय जांच एजेंसी ने भी लंबे समय तक मामले की पड़ताल की, लेकिन हत्यारे के खिलाफ ठोस सबूत नहीं मिल सका।

समय बीतने के साथ यह मामला देश के चर्चित अनसुलझे मामलों में शामिल हो गया। नवरुणा के परिवार को उम्मीद थी कि किसी न किसी जांच एजेंसी की कोशिश से बेटी की मौत का रहस्य सामने आएगा, लेकिन सवाल आज भी कायम हैं।

नवरुणा आखिर उस रात घर से कैसे गायब हुई? उसे कौन ले गया? नाले में मिला कंकाल वहां कैसे पहुंचा? और उसकी हत्या किसने की? इन सवालों के जवाब आज भी पूरी तरह सामने नहीं आ सके हैं। एक बच्ची के अचानक गायब होने से शुरू हुई यह कहानी वर्षों बाद भी अधूरी है और परिवार के लिए न्याय की तलाश अब भी खत्म नहीं हुई है।

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