जीविका दीदियों के वित्तीय सशक्तीकरण के लिए यूको बैंक और जीविका का संयुक्त कार्यक्रम
जीविका दीदियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यूको बैंक और जीविका के संयुक्त प्रयास से स्वयं सहायता समूह वित्तीय सशक्तीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को वित्तीय सेवाओं, बैंकिंग सुविधाओं और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना रहा। इस दौरान जीविका दीदियों को आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने और बेहतर प्रबंधन के लिए प्रोत्साहित किया गया।
उत्कृष्ट कार्य करने वालों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वाली जीविका दीदियों, कर्मियों और सहयोगियों को सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने उत्कृष्ट कार्य करने वालों की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी से परिवार और समाज दोनों मजबूत होते हैं।सम्मान समारोह में स्वयं सहायता समूहों की उपलब्धियों और उनके प्रयासों पर भी चर्चा की गई।
बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ने पर जोर
कार्यक्रम में यूको बैंक के अधिकारियों ने स्वयं सहायता समूहों को बैंकिंग सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि वित्तीय जागरूकता और सही बैंकिंग प्रबंधन से महिलाएं अपने छोटे-छोटे उद्यमों को बड़े स्तर तक ले जा सकती हैं।जीविका से जुड़ी महिलाओं को ऋण सुविधा, बचत और आर्थिक योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल
जीविका बिहार में महिलाओं को संगठित कर उन्हें स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का काम कर रही है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से बड़ी संख्या में महिलाएं छोटे व्यवसाय और आजीविका के अन्य साधनों से जुड़ रही हैं।कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं का वित्तीय सशक्तीकरण ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाता है।
आगे भी जारी रहेगा सहयोग
यूको बैंक और जीविका के अधिकारियों ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को मजबूत बनाने के लिए आगे भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। लक्ष्य है कि अधिक से अधिक महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

