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पटना में साइबर ठगी के दो मामले, डॉक्टर से अपॉइंटमेंट के नाम पर 1.07 लाख और महिला से 1.26 लाख उड़ाए

पटना में साइबर ठगी के दो मामले, डॉक्टर से अपॉइंटमेंट के नाम पर 1.07 लाख और महिला से 1.26 लाख उड़ाए

पटना में साइबर अपराधियों ने अलग-अलग तरीके अपनाकर दो लोगों के बैंक खातों से कुल 2.33 लाख रुपये उड़ा लिए। एक मामले में डॉक्टर से ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेने के दौरान महज 5 रुपये का भुगतान कराने के नाम पर ठगी की गई, जबकि दूसरे मामले में महिला के खाते से यूपीआई के जरिए 1.26 लाख रुपये निकाल लिए गए। दोनों मामलों में साइबर थाने की पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

डॉक्टर से संपर्क के बाद आया ठग का फोन

पहला मामला फतूहा के पचरूखिया निवासी व्यक्ति से जुड़ा है। वह इलाज के लिए डॉक्टर से संपर्क करने की कोशिश कर रहा था। 16 अगस्त को उसने डॉक्टर प्रतिभा राय के पर्चे पर दिए गए मोबाइल नंबर पर फोन किया, लेकिन बात नहीं हो सकी और कॉल फॉरवर्ड हो गई।

कुछ देर बाद एक अनजान नंबर से उसके पास फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को डॉक्टर से अपॉइंटमेंट की प्रक्रिया से जुड़ा व्यक्ति बताया। उसने मरीज का नाम पूछा और ऑनलाइन सिर्फ 5 रुपये भुगतान करने को कहा। इसके लिए उसके मोबाइल पर एक लिंक भेजा गया।

पीड़ित ने लिंक के जरिए भुगतान करने की कोशिश की, लेकिन ट्रांजेक्शन फेल हो गया। इसके बावजूद कुछ देर बाद उसके बैंक खाते से चार बार में कुल 1.07 लाख रुपये निकाल लिए गए। मामले में साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

महिला के खाते से यूपीआई के जरिए 1.26 लाख निकाले

दूसरे मामले में एक महिला साइबर ठगी का शिकार हुई। उसके बैंक खाते से यूपीआई के माध्यम से 1.26 लाख रुपये की निकासी की गई। महिला के मुताबिक उसने किसी संदिग्ध व्यक्ति को ओटीपी नहीं बताया था और न ही उसे कोई संदिग्ध कॉल आया था।

खाते से रकम निकलने की जानकारी मिलने के बाद महिला ने तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की। इसके बाद साइबर थाने में भी आवेदन दिया गया। पुलिस अब बैंक लेनदेन और यूपीआई ट्रांजेक्शन से जुड़े विवरण के आधार पर ठगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

एक छोटी सी गलती से खाली हो सकता है खाता

साइबर ठगी के इन मामलों से साफ है कि अपराधी अब लोगों को बड़े लालच या डर के बजाय रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े बहाने बनाकर निशाना बना रहे हैं। डॉक्टर की अपॉइंटमेंट, ऑनलाइन भुगतान और छोटे ट्रांजेक्शन जैसे मामलों में भी ठग फर्जी लिंक भेजकर बैंक खातों तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

साइबर विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल पर आए लिंक से भुगतान न करें। खासकर डॉक्टर की अपॉइंटमेंट या किसी सेवा के लिए भुगतान करते समय संबंधित संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट या नंबर से ही जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए।

इसके अलावा किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने, यूपीआई पिन डालने या स्क्रीन शेयर करने से बचना चाहिए। यदि खाते से अनधिकृत रकम निकल जाए तो बिना देरी किए 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करनी चाहिए और बैंक को भी तुरंत सूचना देनी चाहिए।

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