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ढाई साल की दोस्ती प्यार में बदली, हिंदू-मुस्लिम दो युवतियों ने की शादी; सकीना बोली- हमें जबरन अलग किया जा रहा

ढाई साल की दोस्ती प्यार में बदली, हिंदू-मुस्लिम दो युवतियों ने की शादी; सकीना बोली- हमें जबरन अलग किया जा रहा

बिहार में दो युवतियों की शादी का मामला चर्चा में है। दोनों अलग-अलग धार्मिक पृष्ठभूमि से आती हैं और करीब ढाई साल तक दोस्त रहने के बाद एक-दूसरे के करीब आईं। दोनों का कहना है कि उनकी दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। इसके बाद उन्होंने साथ रहने और शादी करने का फैसला लिया।

दोनों युवतियों के मुताबिक, उनकी मुलाकात के बाद दोस्ती हुई थी। करीब ढाई साल तक दोनों एक-दूसरे के संपर्क में रहीं। इस दौरान उनके बीच भावनात्मक जुड़ाव बढ़ता गया और बाद में दोनों ने अपने रिश्ते को स्वीकार किया। परिवार और समाज की संभावित आपत्ति को देखते हुए दोनों ने शादी करने का फैसला किया।

शादी के बाद मामला सामने आने पर दोनों परिवारों में तनाव की स्थिति बन गई। दोनों युवतियों के अनुसार, उनके रिश्ते को परिवार की ओर से स्वीकार नहीं किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें एक-दूसरे से अलग करने का प्रयास किया जा रहा है।

सकीना नाम की युवती ने कहा कि वह अपनी साथी के साथ रहना चाहती है। उसका आरोप है कि उन्हें जबरन अलग किया जा रहा है। सकीना का कहना है कि दोनों ने अपनी इच्छा से साथ रहने और शादी करने का फैसला किया है।

मामले के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी चर्चा शुरू हो गई है। पुलिस की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है, क्योंकि दोनों युवतियों की सुरक्षा और उनकी इच्छा के अनुसार रहने के अधिकार को लेकर स्थिति स्पष्ट करना जरूरी है। यदि किसी पक्ष की ओर से दबाव या जबरदस्ती की शिकायत की जाती है तो पुलिस को उसके आधार पर कार्रवाई करनी होगी।

दोनों युवतियों का कहना है कि उनका रिश्ता उनकी व्यक्तिगत पसंद और आपसी सहमति पर आधारित है। वे एक-दूसरे के साथ रहना चाहती हैं और परिवार या किसी अन्य व्यक्ति की ओर से दबाव नहीं चाहतीं।

फिलहाल मामले में दोनों युवतियों के बयान और परिस्थितियों की जांच महत्वपूर्ण होगी। यदि दोनों बालिग हैं और अपनी इच्छा से साथ रहने की बात कहती हैं, तो मामले को लेकर कानूनी पहलुओं की भी जांच की जाएगी।

इस घटना ने एक बार फिर व्यक्तिगत पसंद, परिवार की सहमति और सामाजिक दबाव को लेकर बहस छेड़ दी है। दोनों युवतियां अपने रिश्ते को लेकर स्पष्ट हैं और उनका कहना है कि उन्हें अलग करने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए। मामले में आगे की स्थिति पुलिस और प्रशासन की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

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