भागलपुर के प्रमुख यातायात मार्ग विक्रमशिला सेतु पर सोमवार को लगभग 18 घंटे तक भीषण जाम की स्थिति बनी रही। जाम की वजह वाहन खराब होना, पंचर और मरम्मत कार्य थी, जिससे दोनों तरफ से वाहनों का संचालन पूरी तरह ठप हो गया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि जाम के कारण कई एंबुलेंस, ऑटो और निजी वाहन फंसे रहे। गंभीर मरीजों के लिए समय पर अस्पताल पहुंचना मुश्किल हो गया। कुछ लोगों को अपने गंतव्य तक पहुँचने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ा।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने बताया कि सेतु पर मरम्मत कार्य और बढ़ती वाहन संख्या के कारण स्थिति गंभीर हो गई। अधिकारी ने कहा, “हमने जाम को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन वाहन टूटने और पंचर होने के कारण ट्रैफिक पूरी तरह बाधित हो गया। यात्रियों से अपील है कि वे आवश्यक होने पर ही मार्ग का प्रयोग करें।”
विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने सेतु और पुलों पर मरम्मत कार्य के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन अत्यंत जरूरी है। उचित वैकल्पिक मार्गों, फ्लाईओवर और संकेत बोर्ड के बिना ऐसे कार्य अक्सर यातायात में लंबी बाधा पैदा करते हैं।
स्थानीय नागरिकों ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से विक्रमशिला सेतु पर ट्रैफिक जाम एक आम समस्या बन चुकी है। खासकर त्योहार और पिकनिक के मौसम में जाम बढ़ जाता है। उन्होंने प्रशासन से सुनियोजित ट्रैफिक मैनेजमेंट और आपातकालीन मार्ग सुनिश्चित करने की मांग की।
पुलिस ने बताया कि जाम के दौरान सामाजिक और आपातकालीन वाहनों को प्राथमिकता दी गई। हालांकि, मरम्मत कार्य और वाहन खराब होने की घटनाओं के कारण यह पर्याप्त नहीं हो पाया। प्रशासन ने कहा कि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए अलर्ट सिस्टम और वैकल्पिक मार्गों की योजना बनाई जाएगी।
इस घटना ने यह स्पष्ट किया कि भागलपुर जैसे व्यस्त शहरों में सड़क और पुल ढांचे की मरम्मत के समय प्रभावी ट्रैफिक योजना की आवश्यकता है। बिना उचित प्रबंधन के यात्री और आपातकालीन सेवाओं को गंभीर असुविधा होती है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से अपील की है कि विक्रमशिला सेतु पर नियमित मरम्मत और निगरानी की जाए, ताकि भविष्य में ऐसे लंबी अवधि के जाम से बचा जा सके।
इस प्रकार, 18 घंटे तक विक्रमशिला सेतु पर जाम ने यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी और प्रशासन के सामने सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन की चुनौती को उजागर किया।

