बिहार में आंधी-बारिश का कहर: वज्रपात से 18 लोगों की मौत, उड़ानें डायवर्ट; रेल यातायात भी प्रभावित
। बिहार में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने भारी तबाही मचाई है। राज्य के विभिन्न जिलों में आई तेज आंधी, बारिश और वज्रपात ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। इस प्राकृतिक आपदा में वज्रपात की चपेट में आने से कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं।
तेज हवाओं और बारिश के कारण कई जिलों में पेड़ उखड़ गए, बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ा। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया है।
पटना एयरपोर्ट पर उड़ानों पर असर
खराब मौसम का असर हवाई सेवाओं पर भी देखने को मिला। पटना एयरपोर्ट पर खराब दृश्यता और प्रतिकूल मौसम के कारण आने वाले चार विमानों को डायवर्ट करना पड़ा। इनमें से कुछ विमानों को लखनऊ और कुछ को कोलकाता भेजा गया।
मौसम सामान्य होने के बाद उड़ानों के संचालन को लेकर एयरलाइंस और एयरपोर्ट प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। यात्रियों को भी उड़ान से जुड़ी जानकारी अपडेट लेते रहने की सलाह दी गई है।
रेल यातायात भी हुआ प्रभावित
आंधी का असर रेलवे सेवाओं पर भी पड़ा। सीवान-गोरखपुर रेलखंड पर कुसम्ही और गौरी बाजार स्टेशनों के बीच तेज आंधी के दौरान एक पेड़ ओवरहेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) वायर पर गिर गया। इससे वायर टूट गया और रेल परिचालन बाधित हो गया।
ओएचई लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण कई ट्रेनों को रास्ते में रोकना पड़ा, जबकि कुछ ट्रेनों का संचालन विलंब से हुआ। रेलवे की तकनीकी टीमों ने मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य शुरू किया और सेवाओं को जल्द सामान्य करने का प्रयास किया।
वज्रपात बना सबसे बड़ा खतरा
मौसम विभाग की चेतावनियों के बावजूद कई लोग वज्रपात की चपेट में आ गए। सबसे अधिक मौतें खेतों, खुले मैदानों और ग्रामीण इलाकों में हुईं, जहां लोग खराब मौसम के दौरान बाहर मौजूद थे। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और बिजली चमकने के समय खुले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
राज्य सरकार और जिला प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए हैं। प्रभावित इलाकों में राहत कार्य जारी हैं और मृतकों के परिजनों को सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट का पालन करने और अफवाहों से बचने की अपील की है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और वज्रपात की संभावना बनी रह सकती है। ऐसे में लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। बिहार में मौसम की इस मार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।

