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‘घर में पानी है, छत पर रहने को मजबूर हैं’: बाढ़ पीड़ित बोले- बारिश हुई तो भीगने के अलावा कोई रास्ता नहीं

‘घर में पानी है, छत पर रहने को मजबूर हैं’: बाढ़ पीड़ित बोले- बारिश हुई तो भीगने के अलावा कोई रास्ता नहीं

बिहार में बाढ़ की स्थिति ने प्रभावित परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई जगहों पर घरों में पानी भर जाने के बाद लोग सुरक्षित जगह की तलाश में छतों पर रहने को मजबूर हैं। बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि उनके सामने रहने के लिए कोई दूसरा विकल्प नहीं है।

‘सब जगह पानी ही पानी है’

एक बाढ़ पीड़ित ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा, “घर में पानी है, इसलिए छत पर रह रहे हैं और कहां जाएं। सब जगह पानी ही पानी है।” उनका कहना है कि घर छोड़कर जाने के लिए भी सुरक्षित जगह उपलब्ध नहीं है।

बारिश हुई तो छत भी नहीं बचाएगी

बाढ़ पीड़ित परिवारों की चिंता सिर्फ घर में भरे पानी तक सीमित नहीं है। बारिश होने की स्थिति में छत पर रह रहे लोगों के सामने भी बड़ी मुश्किल खड़ी हो सकती है। पीड़ित ने कहा, “अगर बारिश हो गई तो छत पर भीगने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है।”

‘सरकार की तरफ से एक पन्नी तक नहीं मिली’

पीड़ित परिवार ने राहत सामग्री नहीं मिलने की भी शिकायत की। उनका कहना है कि प्रशासन या सरकार की तरफ से उन्हें सिर ढकने के लिए पन्नी तक उपलब्ध नहीं कराई गई है। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में परिवार के पास सिर छिपाने की जगह तक नहीं है।

बाढ़ के बीच प्रभावित परिवारों की यह स्थिति राहत और सुरक्षित आश्रय की जरूरत को सामने लाती है। छतों पर रहने वाले लोगों के लिए बारिश और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में परेशानी और बढ़ सकती है।

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