मोतिहारी के विराट रामायण मंदिर में आज स्थापित होगा दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग, सीएम नीतीश कुमार होंगे कार्यक्रम में शामिल
बिहार के मोतिहारी जिले में स्थित विराट रामायण मंदिर आज एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक क्षण का साक्षी बनने जा रहा है। मंदिर परिसर में आज दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग स्थापित किया जाएगा, जिसे लेकर देश-भर में उत्साह और श्रद्धा का माहौल बना हुआ है। इस विशाल शिवलिंग का वजन करीब 210 टन बताया जा रहा है, जबकि इसकी ऊंचाई और गोलाई दोनों ही 33 फीट है।
इस भव्य आयोजन को लेकर प्रशासन और मंदिर समिति की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शिवलिंग की स्थापना को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल होंगे, जिससे इस आयोजन की गरिमा और बढ़ गई है। मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
इतने भारी और विशाल शिवलिंग को स्थापित करना किसी तकनीकी चुनौती से कम नहीं है। इसे उठाने और तय स्थान पर रखने के लिए दो अत्याधुनिक क्रेन मंगाई गई हैं। इनमें से एक क्रेन की क्षमता 700 टन और दूसरी की क्षमता 500 टन है। बताया जा रहा है कि ये क्रेन विशेष रूप से बंगाल और भोपाल से मंगाई गई हैं। विशेषज्ञ इंजीनियरों और तकनीकी टीम की निगरानी में पूरा कार्य संपन्न कराया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न रहे।
मंदिर समिति के अनुसार, इस शिवलिंग का निर्माण विशेष तकनीक और आस्था के साथ किया गया है। शिवलिंग को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हो, बल्कि स्थापत्य कला का भी एक अद्भुत उदाहरण बने। इसके स्थापित होने के बाद विराट रामायण मंदिर धार्मिक पर्यटन का एक बड़ा केंद्र बनने की उम्मीद है।
स्थानीय लोगों में इस आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर परिसर के आसपास जुटने लगी है। लोग इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए दूर-दराज के इलाकों से मोतिहारी पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि इतने विशाल शिवलिंग के दर्शन से विशेष पुण्य की प्राप्ति होगी।
प्रशासन की ओर से यातायात व्यवस्था, सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पुलिस बल के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारी पूरे कार्यक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की जा रही है।
धार्मिक जानकारों का कहना है कि शिवलिंग की 33 फीट की ऊंचाई और गोलाई का विशेष धार्मिक महत्व है। यह संख्या भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में आस्था का प्रतीक मानी जाती है। विराट रामायण मंदिर में इसकी स्थापना न सिर्फ बिहार, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है।
दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना के साथ ही मोतिहारी आज आध्यात्मिक और ऐतिहासिक मानचित्र पर एक नई पहचान बनाने जा रहा है। यह आयोजन आने वाले समय में बिहार के धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अहम भूमिका निभाएगा।

